सेंट्रल छत्तीसगढ़ में 2 दिन लू का अलर्ट, इसके बाद 2-3° गिर सकता है तापमान, राजनांदगांव में 44° पारा

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने सेंट्रल छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को राजनांदगांव 44.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। रायपुर, दुर्ग और आसपास के इलाकों में भी दिन का तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटे तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिससे दोपहर के समय गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहेगा। हालांकि इसके बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिरने की संभावना है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवा के संकेत भी दिए गए हैं। बिलासपुर और मुंगेली में सोमवार शाम हुई आंधी और बारिश ने इसी बदलाव के शुरुआती संकेत दिए हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और रात में भी गर्मी बने रहने को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन और पूर्वी भारत में सक्रिय मौसमी सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसके चलते एक ओर गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में नमी बढ़ने से गरज-चमक की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि दिन में लू और शाम को कहीं-कहीं मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।

राजधानी रायपुर में मंगलवार को दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। अधिकारियों के अनुसार शहर में बादल छाने के साथ हल्की आंधी या बूंदाबांदी की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के समय गर्मी तीखी रहेगी, जबकि शाम के बाद कुछ राहत मिल सकती है।

मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले दो दिन प्रदेश के मध्य हिस्सों में गर्मी का दबाव बना रहेगा। रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, महासमुंद और राजनांदगांव जैसे जिलों में लू चलने की आशंका है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच हालात ज्यादा कठिन रह सकते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्मी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहेगा। कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। इससे वार्म नाइट की स्थिति बन सकती है, जब रात में भी शरीर को पर्याप्त राहत नहीं मिलती।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदर्भ से दक्षिण भारत तक सक्रिय ट्रफ और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के कारण गर्म हवाओं का प्रवाह तेज हुआ है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। नमी और गर्मी के मिश्रण से उमस भी बढ़ रही है, जिससे वास्तविक तापमान और अधिक महसूस हो रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर पहुंचने पर लू की स्थिति बनती है। यदि तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक हो तो हीट वेव मानी जाती है। 45 डिग्री या उससे अधिक वास्तविक तापमान भी लू की श्रेणी में आता है। इसी तरह रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने पर वार्म नाइट की स्थिति बनती है।