तंबाकू के नशे में छत्तीसगढ़ आगे, राष्ट्रीय औसत से अधिक है आंकड़ा

छत्तीसगढ़ में तंबाकू शौक से आगे बढ़कर नशे का रूप लेता जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के पुरुष एवं महिलाएं, दोनों ही राष्ट्रीय औसत से ज्यादा तंबाकू का सेवन करते हैं। पुरुष करीब 3 फीसदी ज्यादा तंबाकू खाते हैं वहीं महिलाओं का आंकड़ा चिंता में डालता है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं राष्ट्रीय औसत से दोगुना तंबाकू चबा रही हैं। भारत में तंबाकू के सेवन को लेकर जारी किए गए ताजा आंकड़े छत्तीसगढ़ के लिए चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे एनएफएचएस -5) की रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों और महिलाओं, दोनों की संख्या राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। किन राज्यों से आगे है
तंबाकू सेवन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के कई बड़े और पड़ोसी राज्यों को पीछे छोड़ चुका है।

पुरुषों के आंकड़ों पर गौर करें तो छत्तीसगढ़ (43.1 प्रतिशत) इन राज्यों से कहीं आगे है –

मध्य प्रदेशः 46.4 प्रतिशत (पुरुषों में छत्तीसगढ़ से थोड़ा अधिक लेकिन महिलाओं में छत्तीसगढ़ 17.3 प्रतिशत के साथ एमपी के 10.3 प्रतिशत से बहुत आगे है)।
राजस्थानः 41.9 प्रतिशत
गुजरातः 41.2 प्रतिशत
महाराष्ट्रः 33.8 प्रतिशत
उत्तर प्रदेशः 44.0 प्रतिशत (पुरुषों में लगभग बराबर, पर महिलाओं में यूपी 8.5 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ से पीछे है)।

हरियाणा और पंजाबः इन राज्यों में औसत क्रमशः 29.1 प्रतिशत और 12.8 प्रतिशत है, जो छत्तीसगढ़ के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु (20.0 प्रतिशत) कर्नाटक (27.3 प्रतिशत) और आंध प्रदेश (22.6 प्रतिशत) की तुलना में छत्तीसगढ़ में तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या लगभग दोगुनी है।

सर्वेक्षण के अनुसार, जहां भारत में औसतन 38 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 43.1 प्रतिशत है। महिलाओं के मामले में स्थिति और भी गंभीर है। देश में तंबाकू सेवन का औसत 8.9 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह लगभग दोगुना 17.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और स्थानीय स्तर पर बीड़ी, गुटखा और खैनी की आसान उपलब्धता ने इस नशे को घर-घर तक पहुंचा दिया है। दक्षिण भारतीय राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में तंबाकू का प्रसार लगभग दोगुना पाया गया है।