अमेरिका ने होर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं, व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उन्होंने 6 जहाजों को नष्ट किया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे।
अमेरिका ने कहा है कि होर्मुज में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का पहला दिन सफल रहा। ब्रैडली कूपर ने बताया कि अमेरिकी सेना ने दो व्यापारी जहाजों को सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से गुजरवाया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में वॉरशिप, हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही गिरा दिया गया और 6 ईरानी नावों को भी नष्ट कर दिया गया। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी सिर्फ 2 जहाज ही गुजर पाए हैं, जबकि युद्ध से पहले रोज करीब 120 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे। उनका मानना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह संख्या बढ़कर 20 से 30 जहाज रोज तक पहुंच सकती है, लेकिन यह काफी हद तक ईरान के रुख पर निर्भर करेगा।
उनका कहना है कि अगर ईरान खतरे का माहौल बनाए रखता है, तो व्यापारी जहाज आने से बचेंगे और यह रास्ता लगभग बंद ही रहेगा। एक पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा कि फिलहाल यह ‘टैक्टिकल सफलता’ जरूर है, लेकिन असली चुनौती तब होगी जब पहले जैसी आवाजाही बहाल करनी होगी।
