बिहार : शपथ ग्रहण के 24 घंटे बाद पटना में 10 हजार शिक्षक अभ्यर्थी सड़कों पर, जानें क्या हैं मांगें?
बिहार की सियासत में जहां कल तक नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की गूंज थी, वहीं आज पटना की सड़कों पर ‘इंकलाब’ के नारे सुनाई दे रहे हैं. मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक 24 घंटे बाद, शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (BPSC TRE 4.0) के विज्ञापन की मांग को लेकर करीब 10 हजार अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं. पटना कॉलेज से शुरू हुआ यह हुजूम डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ रहा है, जिससे पूरे शहर की रफ्तार थम गई है.
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं. पहला कि अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार TRE 3 की प्रक्रिया को ही खींच रही है, जबकि लाखों छात्र TRE 4 के विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं. छात्रों की दूसरी मांग है कि सरकार रिक्तियों की सही संख्या सार्वजनिक करे और विज्ञापन जारी करने की डेडलाइन बताए. प्रदर्शन में एक सुर यह भी उठ रहा है कि शिक्षक बहाली में बिहार के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने वाली ‘डोमिसाइल नीति’ को सख्ती से लागू किया जाए.
छात्रों का नेतृत्व कर रहे दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार मंत्रिमंडल विस्तार में व्यस्त है, लेकिन उसे उन युवाओं की परवाह नहीं है जो साल भर से लाइब्रेरी में बैठकर आंखों की रोशनी कम कर रहे हैं. अगर आज विज्ञापन की घोषणा नहीं हुई, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन घेराव में बदल जाएगा. प्रशासन ने छात्रों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और वाटर कैनन का इंतजाम किया है. डाकबंगला चौराहे को चारों तरफ से घेर लिया गया है. 10 हजार की भीड़ के कारण पटना का ट्रैफिक पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. एम्बुलेंस और स्कूल बसों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. बता दें कि इस भारी विरोध के बावजूद अभी तक शिक्षा विभाग या नवनियुक्त मंत्रियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिससे गुस्सा और बढ़ गया है.
