ईरान ने समुद्र में 3,000 बैरल तेल बहाया, ऑयल स्टोर की जगह कम पड़ी
फारस की खाड़ी में ईरान के खार्ग आईलैंड के पास बड़ा तेल रिसाव देखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र में फैला तेल साफ नजर आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रिसाव अमेरिकी प्रतिबंधों और होर्मुज में बढ़े तनाव के कारण हो सकता है। ऑर्बिटल EOS नाम की संस्था के अनुसार, समुद्र में तेल करीब 51 वर्ग मील से ज्यादा इलाके में फैल चुका है। अनुमान है कि 3,000 बैरल से ज्यादा तेल पानी में बह गया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और नौसैनिक दबाव की वजह से ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ा है। कई तेल टैंकर फंसे हुए हैं और देश के पास तेल स्टोर करने की जगह कम पड़ रही है। इसी कारण यह आशंका जताई जा रही है कि एक्स्ट्रा ऑयल समुद्र में छोड़ा जा रहा है। हैम्बर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर नीमा शोकरी ने कहा कि तेल कुओं को अचानक बंद करना आसान नहीं होता, क्योंकि इससे पाइपलाइन जाम हो सकती हैं या तेल भंडार को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, ‘तेल के कुएं ऐसी मशीनें नहीं हैं जिन्हें जब चाहें बंद और चालू किया जा सके।’
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि खार्ग आइलैंड के पास पुरानी पाइपलाइन में लीकेज भी इसकी वजह हो सकती है। यह तेल धीरे-धीरे सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।
वहीं ईरान ने तेल रिसाव की खबरों को खारिज कर दिया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ऑयल टर्मिनल्स कंपनी ने कहा कि जांच में कहीं भी तेल लीकेज के सबूत नहीं मिले हैं।
ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के नए सीजफायर प्रस्ताव पर अपना जवाब भेजा है। इसमें पूरे क्षेत्र में, खासकर लेबनान में युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की मांग की गई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तेहरान के इस रुख को तुरंत खारिज कर दिया और इसे ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया, लेकिन इसके बारे में उन्होंने कोई और जानकारी नहीं दी।
