‘मुझे एक भी मुसलमान वोट नहीं किया, इनका एक काम नहीं करूंगा…’, कोलकाता में मंच पर बोले BJP के विधायक
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भाजपा विधायक रितेश तिवारी के एक बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. काशीपुर-बेलगाछिया सीट से विधायक रितेश तिवारी ने एक सार्वजनिक मंच से ऐसा बयान दिया, जिसके बाद हलचल मच गई.
अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि 1952 से अब तक के चुनावी इतिहास में वह शायद पहले ऐसे विधायक हैं, जिन्हें इलाके के एक भी मुसलमान ने वोट नहीं दिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया है, उन्हीं का उन पर अधिकार है. यहां लाइव चल रहा है मैं बोल रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनके समर्थन में नहीं थे, उनके लिए वह अगले पांच वर्षों तक कोई काम नहीं करेंगे. रितेश तिवारी ने मंच से कहा कि वह बाबा भोलेनाथ को साक्षी मानकर यह बात कह रहे हैं कि विरोध करने वालों के लिए न तो कोई सर्टिफिकेट जारी करेंगे और न ही किसी तरह की सिफारिश करेंगे. उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे का भी जिक्र किया, लेकिन साथ ही कहा कि अब ‘सबका हिसाब’ भी होना चाहिए.
“मुझे एक भी अब्दुल ने वोट नहीं दिया
मे उनका कोई भी काम नहीं करूंगा ”
—ऋतेश तिवारी ,BJP विधायक ,बंगाल
👉कोई डॉक्यूमेंट पर साइन नहीं करूंगा
जिसका साथ उसका विकास 😀 pic.twitter.com/qiIak03vWb
— Aarav Choudhary (@AaravChoudharyX) May 12, 2026
हालांकि, विधायक ने यह भी कहा कि वह किसी तरह की हिंसा या दबाव की राजनीति नहीं करेंगे. उन्होंने दावा किया कि उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से होगा. वह बिना किसी को एक थप्पड़ मारे, बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अपनी राजनीतिक रणनीति अपनाएंगे. उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह वैसा व्यवहार नहीं करेंगे जैसा उस समय कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया था. विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
