छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया शिक्षक, DEO ने जांच के बाद किया बर्खास्त

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक स्कूल शिक्षक को कॉलेज छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद नौकरी से हटा दिया गया है। यह पूरा मामला अब सरगुजा शिक्षक मामले के रूप में चर्चा का विषय बन चुका है और शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना 20 अप्रैल की रात लगभग 1 बजे की है, जब कुछ युवकों ने सरमना के लंकाडांड जंगल के पास एक कार देखी। युवकों ने वहां कुछ संदिग्ध पाया और जब नजदीक गए, तो उन्होंने पहचाना कि कार के अंदर स्वामी आत्मानंद स्कूल का संविदा शिक्षक सुरेश जायसवाल था, जो एक कॉलेज छात्रा के साथ था। घटना के बाद युवकों ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और तेजी से चर्चा में आने लगा।

इस मामले ने जैसे ही ध्यान आकर्षित किया, स्थिति बहुत संवेदनशील हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग को सूचित किया गया और प्राथमिक जांच शुरू हुई। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे शिक्षक और वाहन की पहचान स्थानीय स्तर पर की गई। जांच टीम ने मामले की पड़ताल की और शिक्षक के बयान भी लिए। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शिक्षक यह स्पष्ट नहीं कर सका कि वह देर रात छात्रा के साथ क्यों वहां था। इसी दौरान यह भी सामने आया कि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुका था और इस पर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। कुछ ने इस स्थिति पर सवाल उठाए हैं कि आखिर दोनों उस समय जंगल के किनारे क्या कर रहे थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि घटना केवल अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि इससे स्कूल की छवि और शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जांच के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी, जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज हो गई।

जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय ने इस मामले में गंभीर रुख अपनाया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को स्कूल से हटा कर उदयपुर बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया था, लेकिन फिर एक विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की गई, जिसमें बतौली बीईओ, सीतापुर बीईओ और एक वरिष्ठ प्राचार्य शामिल थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वही शिक्षक है और वाहन भी उसी से संबंधित पाया गया। इसके बाद डीईओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन संतोषप्रद जवाब न मिलने पर संविदा नियुक्ति समाप्त करने का निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है, अधिकारियों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, इसलिए इस मामले में सख्त कदम उठाए गए हैं।