बच्ची पर डंडे बरसाए, छात्र को उल्टा लटकाया, CCTV में कैद टीचर की दरिंदगी
असम के चराइदेव जिले के मथुरापुर बागीचा प्राथमिक विद्यालय से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. घटना का खुलासा कक्षा में लगे सीसीटीवी फुटेज से हुआ, जिसके बाद इलाके में भारी नाराजगी फैल गई. पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षक की पहचान 51 साल के मोहम्मद आरिफुल इस्लाम के रूप में हुई है. वह चराइदेव जिले के मथुरापुर तिनियाली क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. आरोप है कि वह स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करता था और कक्षा के भीतर उनके साथ मारपीट करता था.
स्कूल के प्रधानाध्यापक ने जब कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी तो वे हैरान रह गए. फुटेज में कथित तौर पर शिक्षक कई छात्रों के साथ सख्ती और हिंसक व्यवहार करते दिखाई दिए. कुछ दृश्यों को लेकर अभिभावकों में गहरी नाराजगी देखी गई. इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई. वीडियो में टीचर छोटी- छोटी बच्चियों को बेहरहमी से डंडों से पीटता दिख रहा है. इसके अलावा एक छात्र को पकड़कर उल्टा लटका देता है और फिर खिड़की से बाहर फेंकने लगता है. इसके बाद वह फिर उसे उल्टा लटकाकर पीटने लगता है. घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी. लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं.
ये शिक्षक है या हैवान जो एक छोटी सी बच्चीयो को इस कदर पीट रहा है….
लग रहा है घर का गुस्सा स्कूल में निकाल रहा है….. pic.twitter.com/HCr6uywLAg
— Pushpraj sharma (@ThePushprajX) May 15, 2026
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी शिक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया. वहीं, असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एटीटीएसए) ने भी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है. स्कूल प्रबंधन की ओर से भी शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत भेजी गई है.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है. फिलहाल घटना ने बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
