CBSE ने 12वीं की रीवैल्यूएशन-फीस घटाकर ₹100 से ₹25 की, एक नंबर भी बढ़ा तो पूरी फीस वापस होगी

शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने 17 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसी छात्र के कुल अंकों में एक अंक भी बढ़ता है तो उसे रीवैल्यूएशन प्रोसेस के लिए जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी।

19 मई से 22 मई के बीच छात्र अपनी स्कैन आंशर शीट हासिल कर सकते हैं। यदि वे अपनी कॉपी को वेरिफाई या री-इवैल्युएट कराना चाहें तो अगले एक हफ्ते में 26-29 मई के बीच ऐसा भी कर सकेंगे। हालांकि, बोर्ड ने ये भी स्पष्ट किया है कि रीवैल्यूएशन प्रोसेस भी OMS यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से ही होगी, न कि मैनुअली। बोर्ड ने यह भी कहा है कि है कि अगर ज्यादा आवेदन आए तो बोर्ड रीवैल्यूएशन प्रोसेस की तारीख और बढ़ा सकता है।

शिक्षा मंत्रायल ने ये फैसला CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) की वजह से रिजल्ट पर पड़ने वाले असर के बाद लिया है। दरअसल, CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा- पहले नीट पेपर लीक, जिसने 22 लाख छात्रों को प्रभावित किया। फिर CBSE 12वीं के छात्रों को एक खराब ओएसएम सिस्टम के कारण उम्मीद से कम अंक मिले, जिससे कई छात्रों ने अपनी कॉलेज पात्रता खो दी।

अब CSBE 9वीं क्लास के लाखों छात्रों को अचानक 1 जुलाई से एक नई भाषा सीखने के लिए कहा गया है, जबकि न शिक्षक हैं, न पाठ्यपुस्तकें। तीन परीक्षाएं। तीन आयु वर्ग। एक मंत्री। धर्मेंद्र प्रधान जी केवल एक बार विफल नहीं हुए हैं। उन्होंने एक साथ भारत के छात्रों के हर आयु वर्ग को विफल किया है।

स्टूडेंट्स का आरोप था कि कॉपियां स्क्रीन पर चेक होने से स्टेप-मार्किंग में भी गड़बड़ी हुई। इसकी वजह से जवाब सही होने पर भी काफी नंबर कटे। ऐसे JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स भी बोर्ड के 75% क्राइटेरिया से बाहर हो गए हैं। अब वे IIT-NIT में एडमिशन नहीं ले सकेंगे। क्योंकि नॉर्म्स के मुताबिक, JEE मेन में अच्छे रैंक के साथ ही 12वीं बोर्ड में 75% कम्पलसरी है।