नॉर्वे ने पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिया, उनका ये 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम में पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया है। यह नॉर्वे के सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। इसे मिलाकर अब तक पीएम मोदी को 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। इससे पहले कल स्वीडन ने भी उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया था। पीएम मोदी ने आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नॉर्वे के पीएम योनास स्टोरे के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हुआ था।
पीएम मोदी के मुताबिक, यह समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा विकास और समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। इस समझौते के तहत अगले 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने का टारगेट रखा गया है। 19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। मोदी ने कहा कि यह उनके नॉर्डिक समकक्षों से मुलाकात का शानदार अवसर होगा। इस समिट में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे।
यह भारत-नॉर्डिक समिट पहली बार 2018 में स्टॉकहोम और दूसरी बार 2022 में कोपेनहेगन में हुई थी। इस बार बैठक में ग्रीन एनर्जी, डिजिटलाइजेशन, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन और आर्कटिक नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
मोदी की यह यात्रा उनके 5 देशों के दौरे का चौथा चरण है। इससे पहले वे UAE, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। इसके बाद वे इटली जाएंगे।
नॉर्वे में मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया और यूक्रेन जैसे संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है। सिर्फ सैन्य कार्रवाई से स्थायी शांति नहीं लाई जा सकती। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों नियम आधारित व्यवस्था, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। चाहे यूक्रेन का मुद्दा हो या पश्चिम एशिया का, भारत शांति और जल्द संघर्ष खत्म कराने की हर कोशिश का समर्थन करता रहेगा। मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में बदलाव जरूरी है।
उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि हर तरह के आतंकवाद को जड़ से खत्म करना भारत और नॉर्वे की साझा प्रतिबद्धता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का समर्थन करने के लिए नॉर्वे का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में नॉर्वे भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहा।
मोदी ने नॉर्वे के भारत की इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
