तपती रेत में चलती है ‘चांदी वाली चींटी’, ठंड पड़ते ही भाग जाती है पाताल में!

दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तानों में भी कुछ जीव इतनी खूबसूरती से अनुकूलित हो चुके हैं कि देखकर हैरानी होती है. सहारा रेगिस्तान की ‘सिल्वर एंट’ या चांदी वाली चींटी इन्हीं में से एक है. यह चींटी दिन के सबसे गर्म समय में, जब रेत का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब बाहर निकलकर घूमती है. ठंड पड़ते ही यह तुरंत अपनी बिल में गायब हो जाती है. इस चींटी का वैज्ञानिक नाम Cataglyphis bombycina है. यह दुनिया की सबसे तेज चलने वाली चींटी भी है. यह अपनी बॉडी लेंथ से 108 गुना ज्यादा दूरी एक सेकंड में तय कर सकती है. यानी अगर इंसान की स्पीड इसी अनुपात में हो तो हम 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे होंगे.

सिल्वर एंट की सबसे बड़ी खासियत उसके शरीर पर मौजूद चांदी जैसे सूक्ष्म बाल (hairs) हैं. ये बाल त्रिकोण आकार के होते हैं जो सूरज की रोशनी और निकट इंफ्रारेड किरणों को आकार देते हैं. इससे चींटी का शरीर गर्म नहीं होता. साथ ही ये बाल मिड-इंफ्रारेड रेडिएशन को बाहर निकालने में भी मदद करते हैं, यानी चींटी खुद को ठंडा रख पाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार ये बाल चींटी को 5 डिग्री तक ठंडा रख सकते हैं. यह चींटी दिन में सिर्फ 10-15 मिनट के लिए ही बाहर रहती है. इस दौरान वह गर्मी से मर चुके दूसरे कीड़ों के शवों को खाती है. इतनी गर्मी में बाहर निकलने का फायदा यह भी है कि उसके शिकारी छिपकर रह जाते हैं.