150 एकड़ में बस रही थी अवैध कॉलोनी, राजनांदगांव में प्रशासन का चला बुलडोजर

राजनांदगांव जिले में अवैध कॉलोनी निर्माण और बिना अनुमति प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है. बुधवार सुबह विकासखंड के ग्राम मनगट्टा में करीब 150 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान मौके पर बनाई गई सड़कें, प्रवेश द्वार, मिट्टी समतलीकरण और प्लाटिंग से जुड़े कई निर्माण बुलडोजर से ध्वस्त कर दिए गए. सुबह प्रशासनिक अमले के गांव पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई. राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई. बुलडोजर के जरिए अवैध तरीके से विकसित किए जा रहे कॉलोनी क्षेत्र को तोड़ा गया. कार्रवाई को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए.

जानकारी के मुताबिक ग्राम मनगट्टा की कृषि भूमि पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर प्लाटिंग की जा रही थी. जमीन को कॉलोनी का स्वरूप देने के लिए आंतरिक सड़कें बनाई गई थीं और प्रवेश द्वार भी तैयार किया जा रहा था. प्रशासन को शिकायत मिली थी कि बिना डायवर्सन और वैधानिक स्वीकृति के जमीन का उपयोग बदला जा रहा है. शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि संबंधित जमीन पर कॉलोनी विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी. इसके बाद कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर कार्रवाई की गई.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कृषि भूमि पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करना राजस्व नियमों का उल्लंघन है. ऐसे मामलों में न केवल निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में लगातार अवैध प्लाटिंग की शिकायतें मिल रही थीं. कई लोग बिना नक्शा पास कराए और बिना वैधानिक अनुमति के जमीन बेच रहे हैं, जिससे खरीदारों को भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी वजह से अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. मनगट्टा में हुई कार्रवाई के बाद जिले में अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले कारोबारियों में हड़कंप है. प्रशासन की इस कार्रवाई को आने वाले समय में बड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है. चर्चा है कि जिले के अन्य इलाकों में भी ऐसी कई कॉलोनियां प्रशासन की निगरानी में हैं.

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लाट या मकान की खरीदी से पहले उसकी वैधानिक स्थिति जरूर जांच लें. संबंधित भूमि का डायवर्सन, नक्शा स्वीकृति और अन्य दस्तावेज देखने के बाद ही निवेश करें. अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति विकसित कॉलोनियों में पैसा लगाने से भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी हो सकती है.