महाराष्ट्र: लातूर में NEET छात्रा ने की खुदकुशी, पिता बोले- एग्जाम रद्द होने से थी परेशान
महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. सूबे गोंडेगांव इलाके में रहने वाली 18 साल की एक छात्रा ने मानसिक तनाव के चलते कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. वह एक किसान की बेटी थी. मृतका के 50 वर्षीय पिता ने दावा किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के रद्द होने के बाद से उनकी बेटी भारी मानसिक तनाव से गुजर रही थी. एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि यह दर्दनाक घटना 16 मई की सुबह की है. मैथिली अशोक सोनवणे ने अपने ही खेत में एक पेड़ से फांसी लगा ली थी. पुलिस के मुताबिक, शव का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ की रिपोर्ट दर्ज की है. आगे की जांच जारी है. रविवार को पुलिस को दिए बयान में मैथिली के पिता अशोक विट्ठल सोनवणे कहते हैं, “मेरी बेटी का सपना डॉक्टर बनने का था. उसने कहा था कि अच्छी तैयारी करने और परीक्षा में संतोषजनक प्रदर्शन करने के बावजूद, परीक्षा रद्द होने की वजह से मैं परेशान हूं. वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित थी.” उन्होंने आगे बताया कि मेरी बेटी इस तनाव को संभाल नहीं पाई और उसने अपनी जान दे दी.
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) का आयोजन 3 मई को भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर किया गया था. इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. एग्जाम होने के कुछ ही दिनों बाद पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आईं.
पेपर लीक से जुड़ी जांच और कई तरह की रिपोर्ट्स आने के बाद, सरकार ने 7 मई को NEET एग्जाम रद्द करने का फैसला लिया था. अब इस परीक्षा को दोबारा 21 जून को करवाने का फैसला लिया गया है.
