‘मैं रहूं या ना रहूं’, अचानक पदयात्रा बंद! अब प्रेमानंद महाराज ने भक्तों से की ये अपील
वृंदावन के कथावाचक प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और भक्तों के साथ होने वाली निजी भेंट को कुछ दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया था. तबसे तमाम भक्त प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. अब प्रेमानंद महाराज के इंस्टाग्राम चैनल पर उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने भक्तों के लिए एक खास मैसेज छोड़ा है. इस वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने लोगों से कहा, ‘बिल्कुल चिंता न करें! हम मिलें न मिलें. बोलें न बोलें. लेकिन हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं. हम चाहते हैं कि सबको श्री जी की कृपा प्राप्त हो और सब उनके चरणों तक पहुंचे. मैं सामने आऊं या न आऊं. इस बात की चिंता बिल्कुल नहीं करनी कि मेरा उत्थान कैसे होगा. मैं बिना बोले ही आपके दिमाग में रहूंगा. तुम वही सब करोगे जो गुरुदेव कहेंगे.’
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा, ‘सब लोग बिल्कुल निश्चित रहें. जो जहां जिस सेवा में है, उसी सेवा में रहिएगा. बस नाम जप करते रहो. मैं रहूं या न रहूं. दिखूं या न दिखूं. लेकिन तुम्हारा मंगल जरूर होगा. तुम्हारा भरण पोष ईष्ट देव के द्वारा होगा. किसी व्यक्ति के द्वारा नहीं. और जिस दिन लगे कि उद्धार किसी व्यक्ति के द्वारा हो रहा है तो उसे छोड़ देना. आप निर्भय, निश्चिंत और निशोक होकर भजन करते रहो. हमारा जब मन होगा बोल देंगे. वरना मौन, एकांत रहेंगे. और यह मौन-एकांत हम आपके लिए हैं, अपने लिए नहीं. हमारे लिए जो होना था, वो हो चुका है. अब जो कुछ हो रहा है, वो आप सबके लिए हो रहा है. खूब प्रसन्न रहो और नापजप करते रहो.’
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा कुछ दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए अचानक स्थगित कर दी गई थी. केली कुंज स्थित आश्रम के सेवादारों ने माइक पर लोगों को इसकी जानकारी दी. प्रेमानंद महाराज की यह पदयात्रा केली कुंज स्थित आश्रम से लेकर सौभरी कुंड तक होती है. प्रेमानंद की यात्रा स्थगित होने से उनके भक्त काफी मायूस भी हैं. प्रेमानंद महाराज खुद अपने प्रवचनों में बता चुके हैं कि उनकी किडनी करीब 20 साल से खराब है. इसलिए उनके भक्त चिंता में हैं कि कहीं खराब स्वास्थ्य के कारण तो प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा बंद नहीं हुई है.
