रायपुर के मंत्रा गोल्ड में करोड़ों की हेराफेरी, डेढ़ किलो सोना लेकर कर्मचारी फरार
रायपुर के सदर बाजार स्थित मंत्रा गोल्ड ज्वैलरी कारोबार में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। दुकान के भरोसेमंद कर्मचारी अरूण यादव ने करीब 1250 ग्राम सोने के आभूषण और 350 ग्राम शुद्ध सोना लेकर अचानक फरार हो गया। मामला तब उजागर हुआ जब दुकान का स्टॉक मिलान किया गया और भारी मात्रा में सोना कम पाया गया।
पुलिस ने अरूण यादव के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। अरूण कई सालों से इस दुकान में काम कर रहा था और वह सभी बड़े काम, ग्राहक लेन-देन और आपूर्ति संभालता था। कारोबारी ने बताया कि उसे सोने की डिलीवरी और स्टॉक संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। भरोसे के कारण उसे बिना किसी संदेह के जिम्मेदारी दी गई थी। 23 अप्रैल 2026 को स्टॉक मिलान के दौरान पता चला कि सोने की मात्रा कम है। जब अरूण यादव से इस बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि कुछ माल उसके घर में रखा हुआ है। दुकानदार ने उसे तत्काल घर जाकर माल वापस लाने के लिए कहा। लेकिन अरूण लगातार बहाने बनाता रहा, फोन पर टालमटोल करता रहा और आखिरकार मोबाइल फोन भी बंद कर दिया।
जब दुकानदार और टीम ने अरूण के घर जाकर स्थिति पूछी, तो परिवार ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। आरोप लगाया गया कि उसके पिता और पत्नी भी इस मामले में संलिप्त थे और चोरी में मदद कर रहे थे। इस वजह से आरोपी अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मंत्रा गोल्ड एक थोक ज्वैलरी कारोबार है जो सोने के आभूषण बेचती है। शिकायतकर्ता प्रदीप बजाज, महावीर नगर निवासी, इस दुकान के पार्टनर हैं। अरूण यादव वर्ष 2019 से इस दुकान में काम कर रहा था और लंबे समय तक भरोसेमंद कर्मचारी माना जाता था।
सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। FIR दर्ज कर आरोपी और उसके परिवार को संलिप्त मानते हुए गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। चोरी की राशि करोड़ों में बताई जा रही है और सोने की मात्रा भी ज्यादा है।
कारोबारियों का कहना है कि सोने की चोरी के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है और ग्राहकों की भी चिंता बढ़ गई है। अब तक सोना बरामद नहीं हुआ है और पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए सबूत और कैमरा फुटेज की जांच कर रही है।
