दुनिया का सबसे अनोखा सैलून, जहां धधकते ‘कोयले’ से काटे जाते हैं बाल
आज के दौर में हेयरकट करवाने के लिए लोग मॉडर्न सैलून का रुख करते हैं। कहीं महंगी मशीनों का इस्तेमाल होता है तो कहीं नए-नए स्टाइल देने के लिए खास उपकरणों का सहारा लिया जाता है. लेकिन जरा सोचिए, अगर कोई आपसे कहे कि एक ऐसी जगह भी है जहां बिना कैंची और बिना ट्रिमर के बाल काटे जाते हैं, तो शायद आपको यकीन न हो. मगर अफ्रीका के एक गांव में आज भी लोग बाल काटने के लिए धधकते “कोयले” के टुकड़ों का इस्तेमाल करते हैं. यही वजह है कि वहां का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, वायरल वीडियो में किसी आधुनिक सैलून जैसी चमक-दमक नजर नहीं आती. न एयर कंडीशनर, न बड़ी दुकान और न ही महंगे उपकरण. गांव की महिलाएं खुले आसमान के नीचे बैठकर लोगों के बाल संवारती हुई दिखाई देती हैं. पहली नजर में यह दृश्य बिल्कुल नार्मल लगता है, लेकिन जैसे ही बाल काटने की प्रक्रिया शुरू होती है, लोग हैरान रह जाते हैं.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां बाल काटने के लिए न कैंची का इस्तेमाल किया जाता है और न ही ट्रिमर का. महिलाएं पहले बालों को अलग-अलग हिस्सों में बांटती हैं, फिर धधकते हुए मिट्टी के टुकड़ों, जिन्हें कोयले जैसा भी कहा जा सकता है, की मदद से बालों को आकार देती हैं. यह तरीका देखने में काफी अलग और अनोखा लगता है. जो लोग पहली बार यह वीडियो देखते हैं, उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि आखिर बिना किसी आधुनिक हेयरकटिंग उपकरण के बाल कैसे काटे जा सकते हैं. हालांकि स्थानीय लोगों के लिए यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और पारंपरिक संस्कृति का एक अहम हिस्सा है.
जानकारी के अनुसार, अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक जीवनशैली को महत्व दिया जाता है. वहां हेयर स्टाइल केवल फैशन का हिस्सा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान भी माना जाता है. अलग-अलग जनजातियों के अपने खास हेयर स्टाइल होते हैं, जिनसे उनकी परंपरा और पहचान जुड़ी होती है. गांव की महिलाएं बचपन से ही यह कला सीखती हैं और बाद में इसे आगे बढ़ाती हैं. यही कारण है कि आधुनिक तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद कई लोग आज भी पारंपरिक तरीके को ही पसंद करते हैं, और वैसे ही अपने काम को करना पसंद करती हैं.
