नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया, 7 दिन में दूसरी बार मात दी

भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। इससे पहले 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को सफेद मोहरों से मात दी थी। मंगलवार, 2 जून को प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वेजियन प्लेयर को काले मोहरों से हराया। इस जीत के साथ आर. प्रज्ञानानंदा भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। इससे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी थी।

आठवें दौर के एक अन्य मुकाबले में फ्रांस के अलीरजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमराजु (डी गुकेश) को हराया। सफेद मोहरों से खेल रहे फिरोजा ने टाइम प्रेशर के बीच एंडगेम में शानदार खेल दिखाया और गुकेश की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से फिरोजा के 13 अंक हो गए हैं। टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए ‘अर्मागेडन’ मुकाबले में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर एक्स्ट्रा पॉइंट्स बटोरे और 14 अंकों के साथ बढ़त बरकरार रखी। प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के आठवें राउंड में भारत के लिए मिलाजुला दिन रहा। टूर्नामेंट में लीड कर रहीं बिबिसारा असाउबायेवा ने क्लासिकल मुकाबले में भारत की दिव्या देशमुख को हराया। काले मोहरों से खेल रहीं बिबिसारा ने लगातार दबाव बनाए रखा। आखिरी समय में दिव्या के पास समय कम बचा और वे मैच हार गईं। झू जिनर ने मौजूदा विमेंस वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया।

भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और अन्ना मुजीचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद एक्स्ट्रा पॉइंट्स के लिए हुए अर्मागेडन मुकाबले में कोनेरू हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज की। विमेंस पॉइंट्स टेबल में बीबीसारा 15.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं। अन्ना मुजीचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे और दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में खेला जा रहा है। इसमें दुनिया के चुनिंदा 6-6 पुरुष और महिला खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका अर्मागेडन फॉर्मेट है।

अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है।