डायनासोर की दुनिया का ‘बगुला’ आया सामने! 7 करोड़ साल पहले पानी में ऐसे करता था ‘शिकार’
अर्जेंटीना के पैटागोनिया में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी प्रजाति खोजी है, जो डायनासोर के बारे में हमारी सोच बदल देगी. ‘Kank australis’ नाम का यह जीव करीब 7 करोड़ साल पहले धरती पर था. मशहूर वेलोसिराप्टर का ‘रिश्तेदार’ होने के बावजूद, यह जमीन पर शिकार करने के बजाय नदियों और तालाबों के किनारे घात लगाकर बैठता था. इसकी लचीली गर्दन और बनावट बिल्कुल आधुनिक बगुले जैसी थी, जिससे यह पानी में पलक झपकते ही मछलियों को दबोच लेता था.
यह खोज इसलिए बेहद अहम है क्योंकि अब तक हमें लगता था कि, रैप्टर्स सिर्फ जमीन के खूंखार शिकारी थे. ‘Journal of Vertebrate Paleontology’ में छपी रिसर्च बताती है कि पैटागोनिया की नदियों में रहने वाला यह शिकारी मछली, मेंढक और छोटे जीवों को अपना निशाना बनाता था. उस वक्त का पैटागोनिया आज के सूखे रेगिस्तान जैसा नहीं, बल्कि नमी और झरनों वाला इलाका हुआ करता था.
यह जीव ‘Maip macrothorax’ जैसे 10 मीटर लंबे विशालकाय डायनासोरों के बीच रहता था. अपनी जान बचाने के लिए इसे हमेशा सतर्क रहना पड़ता था. इसकी खोखली हड्डियां इसे फुर्तीला बनाती थीं, जिससे यह खतरा भांपते ही फुर्र हो जाता था.’कंक’ का मिलना बताता है कि डायनासोर की दुनिया कितनी विविधता भरी थी. यह सिर्फ एक खोज नहीं, बल्कि हमारे इतिहास के उन पन्नों को भरने जैसा है जो अब तक गायब थे.
