Ebola alert: सूडान से दुर्ग आया युवक भी होम आइसोलेशन पर
अफ्रीकी देशों में फैल रहे घातक इबोला वायरस के संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। हाल ही में दक्षिण सूडान, कांगो, इथोपिया और युगांडा से छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पहुंचे चार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एहतियातन 21 दिनों के ‘होम आइसोलेशन’ में रखा गया है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में इन चारों ही छात्रों में इबोला संक्रमण के कोई भी लक्षण नहीं पाए गए हैं और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज दानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत इन यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना सुबह और शाम टेलीफोन के माध्यम से इनसे संपर्क कर इनके तापमान और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जानकारियां ले रही है। इन यात्रियों में से एक छात्र 31 मई को कांगो से दुर्ग आया था, जबकि दो अन्य यात्री 2 जून को इथोपिया और युगांडा से भिलाई पहुंचे हैं। वहीं, हाल ही में दक्षिण सूडान से आया एक युवक, जो यहां उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेने पहुंचा है, उसे भी तत्काल आइसोलेशन में डाल दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में उठाए गए ये एहतियाती कदम केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी का हिस्सा हैं। भारत सरकार ने अफ्रीकी देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर अनिवार्य थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विशेष रूप से संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, ताकि देश में इस घातक वायरस के प्रवेश को प्राथमिक स्तर पर ही रोका जा सके।
इबोला एक अत्यंत घातक और संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों (जैसे कांगो और सूडान) में समय-समय पर महामारी का रूप लेती रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह वायरस संक्रमित पशुओं (जैसे चमगादड़ और बंदर) से इंसानों में और फिर इंसानों के शारीरिक द्रव्यों (Body Fluids) के सीधे संपर्क से फैलता है। इसमें तेज बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त और आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव (Bleeding) जैसे गंभीर लक्षण होते हैं। इबोला में मृत्यु दर 50% से 90% तक हो सकती है, यही वजह है कि इसे लेकर वैश्विक स्तर पर बेहद कड़े नियम लागू हैं।
राज्य स्वास्थ्य संचालनालय ने रायपुर और दुर्ग सहित उन सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है, जहां विदेशी छात्र पढ़ाई या व्यवसाय के सिलसिले में आते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि 21 दिनों का इनक्यूबेशन पीरियड (Incubation Period) पूरा होने के बाद ही इन छात्रों को सामान्य रूप से बाहर घूमने की अनुमति दी जाएगी, ताकि स्थानीय आबादी पूरी तरह सुरक्षित रहें।
