यहां होता है दो दुनिया का मिलन! एक कदम पर बदल जाता है माहौल

पृथ्वी पर कई ऐसी जगहें हैं जो देखकर लगता है कि प्रकृति ने अपना जादू दिखा दिया हो. ब्राजील के मरान्हाओ राज्य में स्थित लेनसोइस मारान्हेंस (Lençóis Maranhenses) ऐसी ही एक अनोखी जगह है जहां जंगल और रेगिस्तान का मिलन होता है. यहां एक कदम आगे बढ़ते ही पूरा माहौल बदल जाता है. सफेद रेत के विशाल टीले एक तरफ और हरे-भरे वनस्पति वाले क्षेत्र दूसरी तरफ. यह देखकर पर्यटक दंग रह जाते हैं. यह जगह इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. पर्यटक यहां आकर वीडियो और फोटो शेयर कर रहे हैं. इस जगह को देखकर ऐसा लगता है कि दो दुनिया का मिलन हो रहा है.

इस जगह एक तरफ लंबे-लंबे सफेद रेतीले टीले जो रेगिस्तान की याद दिलाते हैं, वहीं कुछ कदम दूर हरे पेड़, झाड़ियां और हरी-भरी वनस्पति नजर आते हैं. ऐसा लगता है मानो दो अलग-अलग दुनिया एक ही जगह पर बसी हुई हों. वैज्ञानिकों के अनुसार यह अद्भुत दृश्य महासागर की लहरों, लगातार चलने वाली हवाओं और मौसमी बारिश के कारण बनता है. समुद्र से आने वाली रेत हवाओं के साथ उड़कर टीले बनाती है. बारिश के मौसम में इन टीलों के बीच मीठे पानी के आकर्षक लैगून (तालाब) बन जाते हैं जो नीले रंग के आकाश की तरह चमकते हैं. लेकिन सूखे मौसम में रेत फिर से हावी हो जाती है. यह जगह सूखे रेगिस्तान जैसी नहीं है. यहां की रेत समुद्री है और पूरी तरह सूखी नहीं रहती. यही वजह है कि हरी वनस्पति भी आसानी से बढ़ पाती है. रेस्टिंगा वन, मैंग्रोव और हिलते हुए टीले एक साथ इस इलाके को अनोखा बनाते हैं.

भारतीय पर्यटक भी अब यहां पहुंच रहे हैं. एक तरफ रेगिस्तान जैसा नजारा, दूसरी तरफ जंगल. लगता है जैसे फोटोशॉप किया हो लेकिन यह पूरी तरह रियल है. लेनसोइस मारान्हेंस राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है. यहां साल भर पर्यटक आते रहते हैं लेकिन बारिश के बाद का समय सबसे खूबसूरत माना जाता है. उस समय टीलों के बीच नीले पानी के तालाब बन जाते हैं जो फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग साबित होते हैं. लोग इन तालाबों में तैरते भी हैं. यह जगह सिर्फ देखने लायक नहीं बल्कि पर्यावरणीय रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है. यहां का इकोसिस्टम बेहद संवेदनशील है. रेत के टीले लगातार अपनी जगह बदलते रहते हैं. हवा और पानी की गति पर निर्भर यह पूरा सिस्टम दिखाता है कि प्रकृति कितनी गतिशील है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ संरक्षण की चुनौतियां भी बढ़ रही है. स्थानीय प्रशासन पर्यटकों को निर्देश देता है कि वे प्लास्टिक ना फेंकें और निर्दिष्ट रास्तों पर ही चलें ताकि नाजुक इकोसिस्टम को नुकसान ना पहुंचे.