मामी ने नाबालिग भांजी को प्यार के जाल में फंसाकर कराया जेंडर चेंज, ऑपरेशन फेल होने पर खुला राज

राजस्थान के करौली जिले से रिश्तों को कलंकित करने और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कलयुगी मामी पर अपनी ही 17 साल की नाबालिग भांजी को बहला-फुसलाकर उसके साथ समलैंगिक संबंध बनाने और जबरन उसका जेंडर चेंज करवाने का संगीन आरोप लगा है.

जेंडर चेंज का यह ऑपरेशन दिल्ली के एक निजी अस्पताल में कराया गया जो पूरी तरह फेल हो गया. जिसके बाद पीड़िता की हालत बिगड़ गई. अब यह पूरा मामला बाल कल्याण समिति के सामने आया है. पीड़िता मूल रूप से करौली की रहने वाली है और भरतपुर के एक निजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी. वह वहां एक किराए का कमरा लेकर रह रही थी. पीड़िता के मुताबिक कुछ समय पहले उसके चचेरे मामा-मामी उससे मिलने आए थे. इसके बाद 18 अप्रैल को उसकी चचेरी मामी दोबारा अकेले उसके कमरे पर आई और वहीं रहने लगी.

आरोप है कि इस दौरान मामी ने नाबालिग भांजी को शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. मामी ने लड़की पर दबाव बनाया कि अगर वह जेंडर चेंज करवाकर लड़का बन जाएगी तो दोनों पति-पत्नी की तरह जिंदगी बिता सकेंगे. लड़की के गायब होने पर उसके पिता ने मथुरा गेट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया तो वे दिल्ली के उस अस्पताल तक पहुंच गए. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से दोनों को मध्य प्रदेश के इंदौर से बरामद किया.

27 अप्रैल को आरोपी मामी उसे ट्रेन के जरिए दिल्ली ले गई. वहां गुरुग्राम के मानेसर में अपने एक परिचित युवक की मदद से किराए का कमरा लिया. इसके बाद नाबालिग को दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया. अस्पताल की ही एक महिला कर्मचारी की मिलीभगत से मामी के सोने के गहने बिकवाए गए और उससे डॉक्टर की भारी-भरकम फीस चुकाई गई.

डॉक्टरों ने जेंडर चेंज का ऑपरेशन तो कर दिया लेकिन वह बुरी तरह असफल रहा. भरतपुर की बाल कल्याण समिति ने दिल्ली के अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ और मुख्य आरोपी मामी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.