मिर्जापुर में ‘जिम जिहाद’: यूपी पुलिस ने 10 लोगों पर लगाया गैंगस्टर एक्ट, क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में सामने आया ‘जिम जिहाद’ मामला अब कानून और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। महिलाओं के यौन शोषण, ब्लैकमेल, धर्मांतरण के लिए दबाव और अवैध नेटवर्क चलाने के आरोपों के बीच यूपी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 10 जिम संचालकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लागू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में नामजद 10 आरोपियों को जनवरी और फरवरी के दौरान गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। इनके खिलाफ शुरुआती शिकायतों और जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई थी। अब गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद कानूनी शिकंजा और सख्त हो गया है।

मिर्जापुर पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद लागू की गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस पूरे मामले की शुरुआत कुछ महिलाओं की शिकायतों से हुई थी। पुलिस के अनुसार शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू हुई। इसके बाद संबंधित जिमों को सील कर दिया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि 50 से अधिक महिलाएं इस कथित रैकेट का शिकार हो सकती हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा तेज हो गई है और पुलिस अब पीड़िताओं तथा अन्य संभावित शिकायतकर्ताओं से भी संपर्क करने में जुटी है।

पुलिस का दावा है कि आरोपी जिम ट्रेनिंग और फिटनेस के बहाने महिलाओं को निशाना बनाते थे। पहले दोस्ती या संबंध बनाए जाते, फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल किया जाता था। इसके बाद पैसे की उगाही और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाता था। पुलिस ने इस ऑपरेशन को जिम जिहाद नाम दिया है। हालांकि जांच अभी जारी है और सभी आरोप अदालत में परीक्षण के अधीन हैं।

मिर्जापुर एएसपी (सिटी) नितेश सिंह के अनुसार, इस मामले में मास्टरमाइंड इमरान खान समेत 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत अतिरिक्त कार्रवाई जोड़ी है। अब पुलिस आर्थिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या आरोपियों ने किसी अवैध गतिविधि से संपत्ति अर्जित की है। यदि ऐसा पाया गया तो संपत्ति कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।