विधवा से रिश्वत लेते बैंक मैनेजर का VIDEO, मृत पति के खाते की रकम दिलाने ₹5 हजार लिए, 10 हजार मांगे थे, सस्पेंड

बलौदाबाजार:जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. शाखा प्रबंधक पर महिला के मृत पति के बैंक खाते में जमा रकम निकालने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शिकायतकर्ता ने कथित लेनदेन का वीडियो भी जिला प्रशासन को सौंपा है, जो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. मामले के सामने आने के बाद बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी बैंक में भ्रष्टाचार और किसानों को परेशान किए जाने के आरोप लगाए हैं.

शिकायतकर्ता खेलन बाई सतनामी ने जिला प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि उसके पति रूपदास सतनामी का लगभग एक वर्ष पहले निधन हो गया था. उनके पति के नाम से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की निपनिया शाखा में खाता संचालित था, जिसमें करीब 1 लाख 10 हजार रुपये जमा थे. महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उसने खाते में जमा राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ कई बार बैंक के चक्कर काटे लेकिन बैंक ने उसकी कभी मदद नहीं की.

महिला ने आरोप लगाया है कि शाखा प्रबंधक अनीता पाण्डेय ने खाते की राशि जारी करने के लिए उससे 10 हजार रुपये की मांग की.शिकायत के अनुसार बाद में यह रकम घटाकर 5 हजार रुपये करने की बात भी कही गई. खेलन बाई का दावा है कि भुगतान प्राप्त करने के लिए उस पर रिश्वत देने का दबाव बनाया गया. इसी दौरान कथित रूप से रिश्वत लेन-देन का वीडियो भी तैयार किया गया, जिसे बाद में शिकायत के साथ जिला प्रशासन को सौंप दिया गया.

मामले में नया मोड़ तब आया जब शाखा प्रबंधक का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और प्रशासनिक जांच के बाद ही इसकी सत्यता स्पष्ट हो पाएगी. लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. महिला ने जिला कलेक्टर को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.साथ ही संबंधित शाखा प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की भी मांग की गई है.

भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी मामले को गंभीर बताते हुए बैंक प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. विधायक का कहना है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आती रही हैं. उनके अनुसार किसानों और खाताधारकों से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी और परेशानियों की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं.

फिलहाल पूरा मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है. शिकायत, वीडियो और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की मांग तेज हो गई है. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है. वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी.

शाखा प्रबंधक अनीता पाण्डेय अथवा बैंक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.ऐसे में आरोपों पर उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है.