मैक्रों ने हिंदी में कहा- भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे, मित्र नरेंद्र, आपका स्वागत करके बहुत खुशी हुई

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने कहा- प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे। इसके बाद मुस्कुराते हुए मैक्रों ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है यह (हिंदी संदेश) सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगली फरवरी (भारत यात्रा) आपसे मिलूंगा।’ वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद मोदी ने X पर लिखा- यह यात्रा सहभागिता और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से व्यापक रही।

दरअसल, पीएम मोदी 6 दिन का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा करके शुक्रवार सुबह भारत पहुंच चुके हैं। इस दौरान उन्होंने G7 समिट भी अटेंड की। यहां पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई। ट्रम्प ने मोदी की जमकर तारीफ की।

पीएम मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक समिट में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा- फ्रांस एक अहम कड़ी का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं।

मोदी ने कहा कि 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं। 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। बीते 12 साल 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। भारत की जीडीपी दोगुना हुई है। एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है। यूनिवर्सिटी की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे कंस्ट्रक्शन की स्पीड तीन गुना बढ़ गई है। मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, इससे आप अंदाजा लगा पाएंगे की आज भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है। भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है। 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानी एक ऐसी प्रगति, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में आज जितने कुल घर हैं, उससे ज्यादा घर हमने भारत में जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए हैं। इन 12 सालों की उपलब्धियों में एक उपलब्धि ऐसी भी है, जिसे अंकों से नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास। आज का भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।