कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका, 12 भारतीयों समेत 13 की मौत, 60 से ज्यादा घायल
कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम विस्फोट हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 12 भारतीय हैं। इसके अलावा 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। अल-काबी ने बताया, विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ। हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह एक हादसा था। इसमें किसी साजिश या जानबूझकर की गई हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे के कारणों की शुरू कर दी गई है।
ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी।
जहां हादसा हुआ, वह बरजान गैस प्लांट कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान का हिस्सा है। इसी इलाके से दुनिया के कई देशों को गैस भेजी जाती है। यहां से घरेलू बिजली संयंत्रों और उद्योगों को भी गैस सप्लाई होती है।
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। दूतावास ने +974-55647502 और +975-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग लापता हैं।
कतर में करीब 7.46 लाख भारतीय रहते हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कतर की कुल आबादी का करीब 22% हिस्सा भारतीय हैं, जो सबसे बड़ा विदेशी समुदाय है। देश की आबादी में हर पांचवा शख्स आबादी भारतीय है। तेल-गैस उद्योग, निर्माण कार्य, अस्पताल, स्कूल, बैंक और आईटी सेक्टर तक भारतीयों की बड़ा रोल है। कतर में रहने वाले भारतीयों में बड़ी संख्या केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार से आने वाले लोगों की है।
पहले केरल के लोगों का दबदबा था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उत्तर भारत के राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए वहां पहुंचे हैं। हजारों भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक, बैंक अधिकारी, आईटी प्रोफेशनल और कारोबारी के रूप में भी काम कर रहे हैं।
दुनिया के सबसे बड़े LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यातकों में शामिल कतर की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल और गैस पर निर्भर है। इस सेक्टर में भी बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, तकनीशियन और कर्मचारी काम करते हैं।
