केंद्री में बनेगा रेलवे का वॉशिंग स्टेशन: रायपुर से भी बनकर चलेंगी ट्रेनें, रिजर्वेशन कोटा बढ़ेगा
रायपुर। ट्रेनों की सफाई और मरम्मत के लिए नवा रायपुर में केंद्री स्टेशन के पास वॉशिंग स्टेशन बनाने के लिए मंडल रेल प्रशासन ने प्रस्ताव रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी है। रायपुर के मुख्य स्टेशन में मंडल की गाड़ियों को खड़ी करने और साफ-सफाई के लिए जगह नहीं है। वर्तमान में ट्रेनों की मरम्मत व रखरखाव दुर्ग और बिलासपुर डिपो में होता है। इसके अलावा मंडल की कुछ गाड़ियां दुर्ग से रायपुर आती हैं। समय बचाने के लिए लंबे समय से वॉशिंग स्टेशन बनाने जगह की तलाश जारी थी। केंद्री स्टेशन बनने के बाद रेलवे ने स्टेशन से पास की जगह पर जमीन का चयन कर लिया है। इस कार्य से रेल सुविधाएं बढ़ेंगी।
बता दें कि, खरसिया से रेल लाइन का विस्तार नवा रायपुर तक होना है। यहां के ट्रैक को परमालकसा तक जोड़ा जाएगा। उसके बाद नवा रायपुर से कोलकाता, मुंबई और विशाखापट्टनम तक सीधे ट्रेन चलेगी। योजना है कि रेलवे करीब एक दर्जन से अधिक ट्रेनें शुरू करेगा। नवा रायपुर में वाशिंग स्टेशन बनने से लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी रायपुर स्टेशन से एक भी ट्रेन नहीं बनती। इससे यात्रियों को रिजर्वेशन का कोटा कम मिलता है। वाशिंग स्टेशन बनने से यहां ट्रेनें शुरू होंगी और लोगों का सफर आसान होगा। रेलवे के मुताबिक एक ट्रेन के मैकेनिकल मेंटेनेंस और धुलाई के लिए 6 घंटे का समय निर्धारित है। इसमें गाड़यिों के डिब्बों का मेंटनेंस कर हर डिब्बे की धुलाई की जाती है। लेकिन दुर्ग में जगह कम होने से ट्रेनों की मरम्मत के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रायपुर रेलवे मंडल डीआरएम दयानंद ने बताया कि, केंद्री स्टेशन के पास वॉशिंग स्टेशन बनाने के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा। वॉशिंग स्टेशन के पास ही रेल कर्मियों और अफसरों के लिए कॉलोनी बसाई जाएगी। इसका असर नवा रायपुर के आस-पास के इलाके में पड़ेगा और यहां आबादी बसाने में मदद मिलेगी। अफसरों के अनुसार वॉशिंग स्टेशन में एक साथ 30 से अधिक ट्रेनों की मरम्मत और धुलाई हो सकेगी। इसके बनने से दुर्ग के वॉशिंग स्टेशन का भार भी कम हो जाएगा, जहां अभी 12 ट्रेन की ही वॉशिंग या मेंटनेंस हो पाता है। दुर्ग में कई बार वॉशिंग स्टेशन में जल्दी धुलाई और मरम्मत न होने के कारण भी भी ट्रेनें लेट चलती हैं।
