MP में उज्जैन की जमीनों पर घमासान: कांग्रेस ने की CM मोहन की घेराबंदी, कहा- 335 एकड़ जमीन किसकी, जवाब दें

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर उज्जैन में जमीन खरीदी के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घेराबंदी की है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के हवाले से मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता बुलाकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि यादव परिवार के पास उज्जैन और आसपास 335 एकड़ लैंड बैंक है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच यादव परिवार ने 253 एकड़ जमीन खरीदी। इनमें 168 एकड़ जमीन डॉ. यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई।

जमीनें उन्हीं इलाकों (जैसे गांगेड़ी, नवाखेड़ा, सावराखेड़ी, चंदेसरा आदि) में खरीदी गईं, जहां सरकार ने नए रास्ते, हाइवे या उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत लैंड यूज (कृषि से आवासीय या व्यावसायिक) में बदलाव किए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आरोप दस्तावेजी सबूतों पर आधारित सवाल हैं, जिनका जवाब मध्य प्रदेश की जनता को मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इन कंपनियों और भूमि सौदों से उनका अथवा उनके परिवार का क्या संबंध है। कंपनियों द्वारा खरीदी गई भूमि का विवरण सार्वजनिक किया जाए। पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराई जाए।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए नैतिकता सबसे बड़ा पैमाना है। मुख्यमंत्री पद की एक प्रतिष्ठा होती है। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि क्या इस पूरे मामले में नियमों और नैतिक सिद्धांतों का पालन किया गया है? जांच होने तक डॉ. मोहन यादव को नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों के नाम जो 335 एकड़ भूमि है, उसमें वर्ष 2021 से 2025 के बीच लगभग 253 एकड़ भूमि खरीदी गई। वर्ष 2024-25 के दौरान 137 भूखंडों में 168 एकड़ भूमि खरीदी गई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि इसे संयोग कहें या सोची-समझी योजना कि जहां-जहां नई सड़कों, कॉरिडोर, बायपास तथा विकास परियोजनाओं की घोषणाएं हुईं, उन्हीं क्षेत्रों के आसपास बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी गई। इसमें उज्जैन-बदनावर रोड, उज्जैन-इंदौर रोड, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, उज्जैन-मक्सी रोड, उज्जैन-नागदा रोड, उज्जैन-देवास रोड तथा गरोठ ग्रीन फील्ड कारिडोर जैसे प्रस्तावित विकास क्षेत्र शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, उनके परिजनों तथा उनसे जुड़ी कंपनियों (सिद्धिविनायक देवकान्स, मंगलमूर्ति इंफ्रा, श्रीअन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज, श्रेया डेवलपर्स) के माध्यम से परिवार के सदस्यों- भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव पत्नी नारायण यादव, भतीजे अभय यादव, चचेरे भाई गोविंद यादव, निलेश यादव, बहन कलावती यादव के नाम आपस में ही खरीदी और बेची।

कांग्रेस नेताओं को पत्रकार वार्ता करने का संदेश पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली से दिए। राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इस गंभीर मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पत्रकार वार्ता करेंगे। इसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बाद में जोड़ा गया। उधर, मुख्यमंत्री डा. यादव ने कोई पलटवार नहीं किया लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह विधानसभा में वस्तुस्थिति रखते हुए वक्तव्य दे सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, यादव दंपती ने पिछले दो वर्ष में कोई नई अचल संपत्ति नहीं खरीदी है। विधानसभा चुनाव 2023 में प्रत्याशी के तौर पर डॉ. मोहन यादव द्वारा रिटर्निंग आफिसर को दिए गए शपथ के अनुसार, स्वयं और पत्नी सीमा यादव के नाम पर कुल 12.246 हेक्टेयर कृषि भूमि बताई गई। विभिन्न खसरा नंबरों में यह भूमि सेवरखेड़ी, भूखीमाता, चिंतामन रोड, बड़नगर रोड और उज्जैन कस्बा में स्थित है।

इसमें सेवरखेड़ी स्थित 1.63 हेक्टेयर भूमि पैतृक संपत्ति के तौर पर मिली, जिसका बाजार मूल्य एक करोड़ 80 लाख 95 हजार रुपये बताया गया। डा. मोहन और पत्नी की कृषि भूमि 2023 में बाजार मूल्य 15 करोड़ 88 लाख रुपये बताया गया। इसके अलावा गैर कृषि भूमि, भूखंड और वाणिज्यिक भवन भी पति-पत्नी के नाम पर हैं। 2013 में शपथ पत्र के अनुसार, लगभग 16 करोड़ रुपये, 2018 में लगभग 31 करोड़ रुपये और 2023 में 42 करोड़ रुपये दर्शाई गई थी।

उधर, मंगलवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का दिन व्यस्तता भरा रहा। सुबह साढ़े नौ बजे वह प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और वहां डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक के बाद तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की समीक्षा कर राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान आचारपुरा भोपाल में आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 में सहभागिता की।

कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सोमवार दिन में लगाए गए आरोपों पर भाजपा की ओर से रात में प्रतिक्रिया आई। खुद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मोर्चा संभाला और एक वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस के आरोपों को सिरे से नकार दिया। खंडेलवाल ने कहा कि सीएम मोहन यादव पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं और इनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के बीच जानबूझकर भ्रम और गुमराह करने का माहौल बना रहे हैं।