भिलाई में 20 और कोचिंग संचालकों को नोटिस, 8 दिन में सुरक्षा इंतजाम सुधारने के निर्देश

लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद दुर्ग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में सोमवार को भिलाई के सेक्टर-10 स्थित कोचिंग सेंटरों में एसडीआरएफ की टीम ने जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान 20 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर 8 दिन के भीतर सुरक्षा से जुड़ी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में व्यवस्था नहीं सुधारने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले कुछ दिन पहले एसडीआरएफ और नगर निगम की संयुक्त टीम ने न्यू सिविक सेंटर के 8 कोचिंग सेंटरों को सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर सील किया था। अब प्रशासन ने सेक्टर-10 के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू किया है। टीम ने यहां छात्रों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की जांच की और कई जगह जरूरी सुविधाओं की कमी पाई।

जिला नगर सेनानी डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच की जा रही है। जिन संस्थानों में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें कमियां सुधारने के लिए 8 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ऐसे कोचिंग सेंटरों में ऑफलाइन क्लास नहीं चलनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि 8 दिन बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। अगर तब भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिला तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान टीम ने सबसे पहले एंट्री और एग्जिट व्यवस्था देखी। अधिकारियों ने कहा कि आने और बाहर निकलने के रास्ते अलग-अलग होने चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। लेकिन कोचिंग सेंटर्स की जांच में सबसे बड़ी खामी यही मिली कि कहीं भी छात्रों के लिए एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं दिखी। इसके अलावा फायर सेफ्टी से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम भी जांचे गए।

टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर, होज रील, हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और भवन में सही वेंटिलेशन की उपलब्धता देखी। अधिकारियों ने संचालकों को यह भी निर्देश दिया कि सिर्फ उपकरण लगाने से काम नहीं चलेगा। कोचिंग स्टाफ और छात्रों को भी इन उपकरणों का इस्तेमाल करना आना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उनका उपयोग किया जा सके। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने बताया कि सोमवार को सेक्टर-10 के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया जा चुका है। आने वाले दिनों में सेक्टर-5, सेक्टर-6 और सेक्टर-7 के कोचिंग सेंटरों की भी इसी तरह जांच की जाएगी। वहीं निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग सेंटर बंद मिले। इस पर अधिकारियों ने कहा कि जो संस्थान बंद थे, उनके खुलते ही नोटिस चस्पा किया जाएगा। अगर वहां भी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं मिला तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।