आज रात आसमान में दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून, लेकिन क्या वाकई बदल जाएगा चांद का रंग?
आज की रात बेहद खास होने वाली है, खासकर उनके लिए जिन्हें एस्ट्रोनॉमी में दिलचस्पी है। दरअसल, आज इस महीने की पूर्णिमा है, जिसे स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। इसका नाम सुनकर आपको लग रहा होगा कि क्या आज चांद स्ट्रॉबेरी जैसा लाल या गुलाबी दिखने वाला है? अगर हां, तो जानें इस सवाल का जवाब कि क्या सचमुच चांद आज लाल दिखेगा और इसे ये नाम क्यों दिया गया है?
जैसा कि इसके नाम से अंदाजा लगा सकते हैं कि चांद लाल या गुलाबी दिखेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, स्ट्रॉबेरी मून नाम मिलने के पीछे एक कहानी है, जो उत्तर-पूर्वी अमेरिका की एलगोनक्वीन जनजातियों से आई है। जून का महीना गर्मियों का होता है और इस महीने में स्ट्रॉबेरी पककर कटने के लिए तैयार हो जाती हैं। इसी कारण इस महीने आने वाली पूर्णिमा को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाने लगा।
समय के साथ ये नाम पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता रहा और आज भी इस महीने की पूर्णिमा को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। स्ट्रॉबेरी की कटाई से जुड़ा होने की वजह से इसे ये नाम मिला है और चांद के रंग से इसका कोई खास लेना देना नहीं है। हालांकि, इस साल स्ट्रॉबेरी मून एक और वजह से भी खास है। 21 जून के समर सोल्सटिस यानी गर्मियों के सबसे बड़े दिन के बाद नॉर्थन हेमिस्फेयर में यह पहली पूर्णिमा है। इसलिए आज चांद आसमान के काफी नीचे नजर आएगा और पूरी रात साउदर्न होरीजन के करीब दिखाई देगा।
भारत में चंद्रमा अपनी पूरी चमक पर 30 जून को सुबह 5:27 बजे होगा। हालांकि, आप इसे 29 जून की शाम को चंद्रोदय के ठीक बाद भी देख सकते हैं। सूरज डूबने के साथ ही साउदर्न होरिजन की ओर देखना होगा। इस नजारे को देखने के लिए आपको बायनोकुलर की जरूरत नहीं है। इसे आप अपनी नंगी आंखों से भी देख सकते हैं।
स्ट्रॉबेरी मून के खूबसूरत नजारे को देखने के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां शहर की लाइट्स कम हों, ताकि आप चंद्रमा की पूरी रोशनी का आनंद ले सकें।
