मेक्सिको के मेयर ने मगरमच्छ को दुल्हन बनाकर रचा ली शादी

मेक्सिको के दक्षिणी ओआक्साका प्रांत के सैन पेड्रो हुएमेलुला शहर इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय समाचारों तक में छाया हुआ है. यहां के मेयर विक्टर एगुइलर ने किसी इंसान के साथ नहीं बल्कि एक मादा मगरमच्छ से शादी रचाई है. शादी समारोह में मगरमच्छ को दुल्हन की तरह सफेद ड्रेस पहनाई गई, उसे फूलों से सजाया गया और मेयर विक्टर बार-बार अपनी “दुल्हन” को किस करते नजर आए.

इस शादी की तस्वीर और वीडियो देखकर दुनिया भर के लोग हैरान हैं. यह कोई मजाक या वायरल स्टंट नहीं है बल्कि सदियों पुरानी आदिवासी परंपरा का हिस्सा है. स्थानीय लोगों के अनुसार मेयर द्वारा मगरमच्छ से शादी करने से इलाके के मछुआरों को अच्छी किस्मत मिलती है, समुद्र में मछली पकड़ने में सफलता मिलती है और पूरे समुदाय पर समृद्धि आती है. इसी परंपरा के तहत मेयर ने मगरमच्छ से शादी की.

परंपरा के मुताबिक हर साल मेयर को एक नई मादा मगरमच्छ से शादी करनी होती है. इस साल की दुल्हन को गुरुवार को बपतिस्मा दिया गया था. शुक्रवार को मुख्य शादी समारोह आयोजित किया गया. शादी के दौरान मगरमच्छ के जबड़े रस्सी से मजबूती से बांध दिए गए ताकि कोई खतरा ना हो. उसे खूबसूरत सफेद गाउन पहनाया गया और पारंपरिक तरीके से सजाया गया. मेयर विक्टर एगुइलर ने समारोह के दौरान भावुक होते हुए अपनी दुल्हन को बार-बार गले लगाया और किस किया. पूरा समुदाय इस शादी में शामिल हुआ. वहां पारंपरिक संगीत, नृत्य और रीति-रिवाज देखने को मिले. स्थानीय मछुआरे इस परंपरा को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं क्योंकि उनका पूरा जीवन मछली पकड़ने पर निर्भर करता है. कहा जाता है कि मगरमच्छ को यहां नदी और समुद्र की देवी का प्रतीक माना जाता है. मेयर का मगरमच्छ से विवाह करना प्रकृति के साथ मानव का सामंजस्य स्थापित करने का प्रतीक है.

यह परंपरा प्राचीन इंडिजिनस समुदायों की मान्यताओं से जुड़ी हुई है जो सदियों से चली आ रही है. सोशल मीडिया पर इस खबर के फैलते ही रिएक्शन्स आने शुरू हो गए. कुछ लोग इसे सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं तो कुछ इसे अजीब और हैरान करने वाला बता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “दुनिया में कितनी अनोखी परंपराएं हैं, हमें सम्मान देना चाहिए.” दूसरे ने कमेंट किया, “ये तो रियल लाइफ फेयरीटेल लग रहा है, बस दुल्हन थोड़ी खतरनाक है.” यह परंपरा सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है. इसके पीछे गहरी आस्था और पर्यावरण से जुड़ाव है. मछुआरे मानते हैं कि इस अनुष्ठान के बाद समुद्र शांत रहता है और अच्छी मछली पकड़ाई होती है. कई पीढ़ियों से यह रिवाज चला आ रहा है और इसे बनाए रखना मेयर की जिम्मेदारी मानी जाती है. विश्व स्तर पर यह खबर फैलने के बाद कई लोग इस अनोखी परंपरा के बारे में ज्यादा जानने के लिए उत्सुक हो गए हैं. कुछ पर्यटक अब इस जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं ताकि वे खुद इस रस्म को देख सकें.