पहली बारिश में 15 करोड़ की यूनिवर्सिटी-बिल्डिंग में भरा पानी, बेसमेंट में भरा पानी, दीवारों में सीपेज

दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से बनी नई प्रशासनिक बिल्डिंग पहली ही बारिश में पानी से भर गई। लगातार एक दिन हुई बारिश के बाद भवन के कई कमरों, गलियारों और बेसमेंट में पानी भर गया। कई जगह दीवारों पर सीपेज और नमी भी दिखाई दी। भवन का निर्माण पूरा हुए करीब 3 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक इसे विश्वविद्यालय को हैंडओवर नहीं किया गया है। इसी वजह से विश्वविद्यालय का पूरा प्रशासनिक काम आज भी 48 साल पुराने भवन से ही चल रहा है।

विश्वविद्यालय की ओर से कई महीने पहले पत्र भेजने के बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस कारण नई बिल्डिंग अब भी खाली पड़ी है। इससे पहले दुर्ग कलेक्टर ने भवन का निरीक्षण किया था, जिसमें कई खामियां मिली थीं। कलेक्टर ने इन्हें दूर करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया।

नई प्रशासनिक बिल्डिंग के निर्माण पर 14.92 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा सड़क, ड्रेनेज, लिफ्ट, लैंडस्केप और अन्य सुविधाओं के लिए करीब 5 करोड़ रुपए अलग से दिए गए।

इसके बावजूद भवन की कई सुविधाएं ठीक से काम नहीं कर रही हैं। दोनों लिफ्ट बंद हैं और उनके पास पानी भर गया है। मुख्य प्रवेश द्वार की सीढ़ियों में टूट-फूट शुरू हो गई है। पार्किंग के शटर भी खराब होने लगे हैं। परिसर में लगाए गए तीन बोर में से दो खराब हैं, जिससे पानी की समस्या बनी हुई है।

विश्वविद्यालय का प्रशासनिक काम आज भी 48 साल पुराने भवन से संचालित हो रहा है। यह भवन पहले महिला कॉलेज का था। यहां कई बार छत का हिस्सा गिर चुका है और बड़े हादसे टल चुके हैं। उत्तर पुस्तिकाएं और जरूरी दस्तावेज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।

नई बिल्डिंग बनने के बाद भी विश्वविद्यालय वहां शिफ्ट नहीं हो पाया है। बारिश के दौरान पूरा कैंपस भी जलभराव की चपेट में आ जाता है, जिससे कामकाज प्रभावित होता है।