पुणे में बारिश से इमारत गिरी, 15 मलबे में दबे

गुजरात के सूरत में 36 घंटे में 11 से 19 इंच तक बारिश हुई। इसके साथ ही जुलाई 1941 में दर्ज हुई 18 इंच बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। सरथाना में सबसे ज्यादा 19 इंच और वराछा में 18.16 इंच बारिश हुई। शहर में बाढ़ आ गई, शॉपिंग मॉल की एक मंजिल पानी में डूब गई और कारें सड़कों पर बहती नजर आईं। सूरत में करंट लगने, पेड़ और बिजली गिरने से 9 लोगों की जान चली गई। बाढ़ में फंसे 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नजदीकी इलाके नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी बंद हैं। लोगों से कहा गया है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

पुणे में बुधवार को इमारत गिर गई। हादसे में कम से कम 15 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इधर, मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम को पांच मंजिला इमारत ढह गई। वहीं, राजस्थान के जालोर में एक जीप नदी में पलट गई। चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई।

भारी बारिश के चलते दिल्ली-जयपुर NH-48 धंस गया है, जिसके कारण 10 किमी लंबा जाम लगा गया। एक स्कूल बस भी नाले में फंस गई। इधर, गुरुग्राम के कई इलाकों में दो-दो फीट पानी भर गया। पुलिस ने कंपनियों से अगले कुछ दिनों तक कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने की अपील की है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड ने 26 जिलों के 94 हजार से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया है। 4 लोगों की मौत हुई है, 21 घायल हैं और 2 महिलाएं लापता हैं।

इधर, कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोगा में आज स्कूल और आंगनवाड़ी बंद रहेंगे।