मच्छरों के आतंक से परेशान ब्राजील ने आसमान से छुड़वाए लाखों नए मच्छर
ब्राजील में डेंगू गंभीर संकट बन गया है. इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही यहां 10 लाख से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं, जो बीते साल के मुकाबले 200% से भी ज्यादा हैं. रियो डी जेनेरियो सहित ब्राजील के कई बड़े शहरों में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर गई. अस्पतालों पर दवाब बढ़ गया. अब वैज्ञानिक इस बीमारी को हराने के लिए एक अनोखी बायो-टेक तकनीक की मदद ले रहे हैं. डेंगू के खतरे को रोकने के लिए ब्राजील के कई शहरों में लाखों की संख्या में जेनेटिकली मॉडिफाइड मच्छर हवा में छोड़े जा रहे हैं. पहली बार में यह आइडिया अजीब लग सकता है कि मच्छरों को खत्म करने के लिए और मच्छर क्यों छोड़े जा रहे हैं, लेकिन इसके पीछे का विज्ञान बहुत ही खास है.
इन विशेष मच्छरों को ऑक्सिटेक नाम की एक बायोटेक कंपनी ने लैब में तैयार किया है.
लैब में सिर्फ मेल एडीज इजिप्टी मच्छरों को तैयार किया जाता है. इनके अंदर एक ऐसा मोडिफाइड जीन डाला गया है, जिससे पैदा होने वाली फीमेल संतानें वयस्क होने से पहले ही मर जाती हैं.
चूंकि इंसानों को सिर्फ फीमेल मच्छर ही काटती हैं और डेंगू फैलाती हैं, इसलिए इस तकनीक से धीरे-धीरे डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की आबादी खत्म हो जाती है. कंपनी के मुताबिक, जिन इलाकों में पहले इसका ट्रायल किया गया था, वहां मच्छरों की आबादी में 90% तक की भारी कमी देखी गई है.
इन मच्छरों को जंगलों या रिहायशी इलाकों में छोड़ने का तरीका भी पूरी तरह से अलग है. ऑक्सिटेक कंपनी इन मच्छरों के अंडों को छोटे-छोटे स्पेशल बॉक्स में पैक करके शहरों में रख देती है. जैसे ही इन बॉक्स में पानी डाला जाता है, अंडे एक्टिव हो जाते हैं. लगभग 10 दिनों के अंदर ये मच्छर पूरी तरह तैयार होकर बाहर निकलते हैं और जंगली मच्छरों के साथ मेटिंग यानी प्रजनन करने के लिए निकल जाते हैं. ब्राजील के सुजानो शहर सहित कई इलाकों में इन बॉक्स का इस्तेमाल शुरू हो चुका है.
दुनियाभर के वैज्ञानिकों के मन में इस तकनीक को लेकर कुछ सवाल जरूर हैं. कुछ एक्सपर्ट्स को डर है कि क्या ये मच्छर कभी भविष्य में जंगली मच्छरों के साथ मिलकर कोई नया म्यूटेशन यानी जीन तो पैदा नहीं कर लेंगे? हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि इससे इंसानों को कोई खतरा है. अमेरिका के फ्लोरिडा में भी 2021 में ऐसा प्रयोग किया जा चुका है.
