मैक्सिको के तट पर फूटा प्रकृति का कहर, महाभूकंप के बाद सुनामी की खौफनाक चेतावनी
मैक्सिको के चियापास तटीय इलाके में शुक्रवार (भारत में गुरुवार) को 7.3 तीव्रता का खौफनाक भूकंप आया. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी USGS के मुताबिक यह भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजकर 18 मिनट पर आया था. इस जलजले का केंद्र एक्विलेस सेर्डन शहर से 48 किलोमीटर दूर जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था. यह जगह भारत से करीब 14,600 किलोमीटर दूर है. भूकंप के तेज झटकों की वजह से तटीय इलाकों की धरती बुरी तरह डोल गई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बड़ी इमारतें तेजी से हिलती दिख रही हैं. भयानक झटकों के कारण लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर सड़कों की तरफ भागने लगे. इस तबाही के तुरंत बाद अमेरिकी मौसम विभाग ने समुद्र में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है.
यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने अपनी वेबसाइट पर सुनामी को लेकर भयंकर चेतावनी दी है. यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने कहा, ‘उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कुछ तटों के लिए खतरनाक सुनामी लहरों का अनुमान है.’ मौसम विभाग के मुताबिक मैक्सिको और ग्वाटेमाला के तटों पर समुद्र का जलस्तर 0.3 से 1 मीटर तक ऊपर उठ सकता है. इसके अलावा कोलंबिया, कोस्टा रिका, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर और पनामा जैसे देशों में भी 0.3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है.
इस 7.3 तीव्रता के बड़े भूकंप का असर मैक्सिको की सीमाओं को पार कर गया. पड़ोसी देश ग्वाटेमाला की राजधानी ग्वाटेमाला सिटी में भी ऊंची इमारतें हिलने लगीं. वहां के स्थानीय मीडिया ने सरकारी दफ्तरों को खाली कराने के वीडियो जारी किए हैं. सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करके कर्मचारियों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया. अल सल्वाडोर में भी रॉयटर्स के चश्मदीदों ने तेज झटके महसूस होने की बात कही है. गनीमत यह है कि इतने बड़े भूकंप के बावजूद अभी तक किसी की मौत या संपत्ति के बड़े नुकसान की आधिकारिक खबर नहीं आई है.
यह विनाशकारी भूकंप भारत से लगभग 14,600 किलोमीटर की दूरी पर आया है. इतनी लंबी दूरी होने की वजह से भारत के किसी भी हिस्से में भूकंप का कोई असर नहीं हुआ. इसके साथ ही सुनामी का खतरा भी सिर्फ प्रशांत महासागर के अमेरिकी तटीय देशों तक ही सीमित रहेगा. हिंद महासागर में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और भारत पूरी तरह सुरक्षित है. विशेषज्ञ इस भूकंप को मेजर अर्थक्वेक की केटेगरी में रख रहे हैं. ऐसे भूकंप घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी तबाही मचाने की ताकत रखते हैं.
