CJP Protest: दिल्ली के 3 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, सुरक्षा में 5 हजार जवान तैनात
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया है. संसद सत्र के बीच इस बड़े आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक जैसे प्रमुख स्थलों पर त्रि-स्तरीय (थ्री-टियर) सुरक्षा ग्रिड तैनात किया गया है.
इस घेरे में दिल्ली पुलिस के जवानों की दो परतें और पैरामिलिट्री फोर्स की एक परत शामिल है. किसी भी आपात स्थिति पर काबू पाने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को चौबीसों घंटे तैयार रहने को कहा गया है.
विजय चौक, प्रधानमंत्री आवास, गृहमंत्री आवास, सेवा तीर्थ, सेल्फी पॉइंट, ट्रांसपोर्ट भवन-संसद मार्ग, राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट जैसे हाई-सिक्योरिटी वाले वीवीआईपी इलाकों में किसी भी तरह की भीड़ को रोकने के खास इंतजाम किए गए हैं.
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पब्लिक एडवाइजरी जारी किया है. उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस साफ तौर पर ये स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई है और न ही कोई अनुमति दी गई है.’
डीसीपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है. इस नियम के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने या धरना देने पर पूरी तरह रोक रहेगी.
हालांकि जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांति से प्रदर्शन की अनुमति होगी. डीसीपी ने ये भी बताया कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को रोकने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है.
