‘घाव भरने में…’ वर्ल्ड कप हार के बाद लियोनेल मेसी का INSTA पोस्ट चर्चा में
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मिली हार के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. स्पेन के खिलाफ खिताबी मुकाबले में मिली हार ने मेसी को अंदर तक झकझोर दिया. सोशल मीडिया पर किए भावुक पोस्ट में उन्होंने स्वीकार किया कि इस हार का दर्द बहुत बड़ा है और इसे भुलाने में काफी समय लगेगा.
डिफेंडिंग चैम्पियन अर्जेंटीना 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में स्पेन से 1-0 से हार गई. निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं. मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां 105वें मिनट में फेरान टॉरेस ने गोल दागकर स्पेन को वर्ल्ड चैम्पियन बना दिया. यही गोल मैच का फैसला साबित हुआ और अर्जेंटीना लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा नहीं कर सकी.
फाइनल के अगले दिन मेसी ने इंस्टाग्राम पर लंबा पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा कि इस हार का दर्द बहुत गहरा है और इस जख्म को भरने में वक्त लगेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल हार को याद करना सही नहीं होगा, क्योंकि इस टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार संघर्ष किया और लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचने का बड़ा कारनामा किया.
मेसी ने लिखा कि वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द बहुत ज्यादा है. यह घाव भरने में वक्त लगेगा. लेकिन मैं उन सभी अच्छी यादों को भी साथ लेकर चलूंगा. हमने कई मुकाबलों में शानदार वापसी की, जिन्हें हमेशा याद रखा जाएगा. पूरे देश का समर्थन और इस टीम की मेहनत हमें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में लेकर आई. आज हमारी उपलब्धियों की सराहना करना मुश्किल लग रहा है, लेकिन यह टीम लगातार दो बार वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंची.
मेसी ने अपने पोस्ट में अर्जेंटीना के फैंस का विशेष रूप से धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि पूरे देश ने एकजुट होकर टीम का साथ दिया और यही सबसे बड़ी ताकत रही. साथ ही उन्होंने स्पेन को वर्ल्ड कप जीतने पर शुभकामनाएं भी दीं.
उन्होंने लिखा- हर शुभकामना और हर संदेश के लिए दिल से धन्यवाद. एक बार फिर हम पूरे देश के रूप में एकजुट हुए और अर्जेंटीना का हिस्सा होने पर गर्व महसूस किया. मैं स्पेन को वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई देता हूं.
अर्जेंटीना डिफेंडिंग चैम्पियन के रूप में टूर्नामेंट में उतरी थी और लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी. फाइनल से पहले टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही. कई मुकाबलों में अर्जेंटीना मुश्किल में जरूर दिखी, लेकिन हर बार दमदार वापसी कर जीत दर्ज की.
कप्तान लियोनल मेसी ने भी पूरे अभियान में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 8 गोल किए, 4 असिस्ट दिए और कुल 853 मिनट मैदान पर बिताए. कई मौकों पर उन्होंने ऐसे गोल किए, जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी. हालांकि फाइनल में स्पेन की मजबूत डिफेंस और फेरान टॉरेस के निर्णायक गोल के सामने अर्जेंटीना का सपना टूट गया.
वर्ल्ड कप का खिताब भले ही अर्जेंटीना के हाथ से निकल गया, लेकिन मेसी ने अपने संदेश से साफ कर दिया कि इस हार के बावजूद उन्हें अपनी टीम और उसके संघर्ष पर पूरा गर्व है.
