सिंधु ने कमबैक का क्रेडिट विराट को दिया:लिखा- वे मिले और कुछ समझाया, इससे नजरिया बदला
2 बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने अपनी दमदार वापसी का क्रेडिट भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को दिया है। उन्होंने 2 दिन पहले शनिवार को जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीता। सिंधु ने करीब 2 साल बाद कोई खिताब जीता था। इससे पहले वे करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं। 31 साल की पीवी सिंधु ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने कमबैक में कोहली की भूमिका का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि करियर के सबसे मुश्किल दौर में उन्होंने विराट से सलाह ली थी और उनकी एक सीख ने पूरी सोच बदल दी।
सिंधु ने लिखा- मैंने लगातार चोटों, खराब प्रदर्शन और मानसिक दबाव के बीच विराट कोहली से संपर्क किया। कोहली ने कुछ ही मिनटों में जवाब दिया और अगले दिन उनसे मुलाकात की। इस दौरान उनके पति वेंकट दत्ता साई भी मौजूद थे।
सिंधु ने कहा- ‘चोट के दौरान कई बार आत्मविश्वास डगमगाया, लेकिन मैंने खुद पर भरोसा नहीं खोया। जापान ओपन का यह खिताब केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।’
सिंधु ने कहा कि उस मुलाकात में हुई बातचीत निजी रहेगी, लेकिन विराट की सबसे बड़ी सीख थी कि ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल में दोबारा खुशी तलाशनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब वह सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए ट्रॉफी जीतने नहीं, बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून की वजह से उठती हैं।
इस मानसिक बदलाव के साथ सिंधु ने अपने खेल में कई सुधार किए। उन्होंने करीब 3.5 किलो वजन कम किया, नेट गेम को मजबूत बनाया, डेटा आधारित ट्रेनिंग अपनाई और इंडोनेशियाई कोच इरवांशाह व स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड के साथ फिटनेस पर विशेष काम किया।
पैर के लिगामेंट की चोट के बाद डॉक्टर दिनशॉ परदीवाला ने सिंधु को पूरा आराम करने की सलाह दी। इसके बाद दत्ता साई उन्हें अमेरिका के अटलांटा ले गए। जहां परिवार के बीच रहकर मानसिक रूप से सिंधु ने खुद को फिर से तैयार किया।
पेरिस ओलिंपिक के बाद डेटा एनालिटिक्स की मदद से सिंधु के खेल का विश्लेषण किया। सात ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए फिटनेस, हार्ट रेट, नींद, रिकवरी और ट्रेनिंग लोड की लगातार निगरानी की गई। लगभग 3.5 किलो वजन कम कराया गया, जबकि मसल्स बरकरार रखी गईं।
कोच इरवांशाह ने उनके नेट गेम, धैर्य और अटैकिंग पैटर्न पर काम किया। टीम ने अनफोर्स्ड एरर कम करने और लंबे समय तक उच्च स्तर पर खेलने की क्षमता विकसित करने पर फोकस किया। इन बदलाव का असर सिंधु के खेल में देखने को मिला। उन्होंने यामागुची को महज 50 मिनट में सीधे गेम में हरा दिया। उन्होंने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीनी खिलाड़ी चेन यूफेई को हराया।
