आरबीआई ने राजनांदगांव केंद्रीय सहकारी बैंक पर लगाया 1 लाख का जुर्माना
बैंक भारतीय रिजर्व (आरबीआई) ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित पर नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन के मामले में एक लाख रुपए का मौद्रिक दंड लगाया है। आरबीआई ने 16 जुलाई को जारी आदेश में बताया कि बैंक ने ‘जमाराशियों पर ब्याज दर’ संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया और कुछ अपात्र जमाकर्ताओं को अतिरिक्त ब्याज प्रदान किया। इसी अनियमितता के कारण बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है।
आरबीआई के अनुसार, 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान आरबीआई के निर्देशों के उल्लंघन से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया कि उसके खिलाफ मौद्रिक दंड क्यों न लगाया जाए।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल विनियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के आधार पर की गई है। इसका उद्देश्य बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेनदेन या अनुबंध की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि यह मौद्रिक दंड भविष्य में बैंक के विरुद्ध आरबीआई द्वारा की जाने वाली किसी अन्य नियामकीय कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा।
