तेज प्रताप यादव की जमानत याचिका खारिज, रहेंगे न्यायिक हिरासत में
जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है. पटना के एसडीजेएम (SDJM) कोर्ट ने तेज प्रताप यादव की नियमित जमानत याचिका (Regular Bail Petition) खारिज कर दी है. कोर्ट के इस फैसले के बाद तेज प्रताप यादव को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा.
JJD नेता तेज प्रताप यादव जमानत स्वास्थ्य और गिरफ्तारी की प्रक्रिया का हवाला देकर मांगी गई थी. अभियोजन ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देकर जमानत का विरोध किया था. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया.
दरअसल, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने 25 जुलाई, 2026 शनिवार की रात गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है.
तेज प्रताप यादव की वकील निशा सिंह ने कहा कि उन पर कई धाराएं लगाई गई हैं. हालांकि, मुख्य और सबसे गंभीर आरोप धारा 109 (हत्या की कोशिश) का है. सबसे हैरानी की बात यह है कि FIR दर्ज होने के समय कोई चोट की रिपोर्ट मौजूद नहीं थी. FIR दर्ज होने से पहले ही गिरफ्तारी हो गई थी. FIR बहुत जल्दबाजी में दर्ज की गई है.
वकील निशा सिंह ने कहा कि इस तरह से किसी को हिरासत में लेना पूरी तरह से गैर-कानूनी है. उनकी हेल्थ इश्यू को देखते हुए जेल में रखना सेफ नहीं है. उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखने के लिए हम लोगों ने रिक्वेस्ट किया है. पहले से उन्हें शुगर-बीपी का इश्यू है. अचानक उनके साथ इस तरीके का सिनेरियो क्रिएट हो गया. उस वक्त फैमिली के लोग भी बाहर थे.
