‘AC रूम से खींचकर लाएंगे…’, शाह पर खड़गे के बयान से राज्यसभा में हंगामा
एंटी पेपर लीक एक दिन पहले लोकसभा से पारित हो गया था. यह बिल अब राज्यसभा में आ गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में यह बिल पेश किया. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने की है.
इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने गतिरोध का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हम पिछले कई दिनों से एक मांग कर रहे हैं और सत्तापक्ष अपनी जिद पर अड़ा हुआ है. प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अमित शाह के सदन में बयान की मांग की. वहीं, लोकसभा में गृह मंत्री के जवाब की मांग करते हुए कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और फिर दो जब कार्यवाही दूसरी बार शुरू हुई, इसे तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा चेयर को करनी पड़ी.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हजारों छात्रों ने संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च किया. वे संवाद चाह रहे थे. उनको मिला लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन, रेलवे स्टेशन बंद, इंटरनेट बंद. इससे छात्र उचक गए. आप शांति से उनको संभाल नहीं सके. कई छात्र घायल हो गए. कई बच्चों को आंखों में छर्रे लगे. ये देखकर हमको शर्म आई, उनको आया कि नहीं मुझे मालूम नहीं. मेरे विद्यार्थी जो गांव-गांव से आए, उनको पैलेट गन का इस्तेमाल करके मार रहे हैं. उनके हाथ-पैर टूटे. इसका जिम्मेदार कौन है. होम मिनिस्टर है. बंद कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते. एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे और जनता के सामने दिखाएंगे कि क्या है. इस पर ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे की स्पीच में असंसदीय शब्द के इस्तेमाल का दावा करते हुए चेयरमैन से इसे एक्सपंज करने की मांग की. खड़गे ने कहा कि हमने किसी असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है. हम मतलब जनता. सरकार को 20 जुलाई की घटना के बाद देश की जनता के सामने सफाई रखनी चाहिए थी.
