‘कांग्रेस से ही TMC में ले गए थे…’, कल्याण बनर्जी और प्रियंका गांधी में नोंकझोंक
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर दिलचस्प बातचीत देखने को मिली. उस समय कल्याण बनर्जी टीएमसी के 20 बागी सांसदों के दूसरी पार्टी में जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. बातचीत की शुरुआत प्रियंका गांधी ने करते हुए कहा, “आप लोग कांग्रेस से नेताओं को लेकर टीएमसी में गए थे.” इस पर कल्याण बनर्जी ने जवाब दिया, “मैं भी कभी कांग्रेस में था. यूथ कांग्रेस का वाइस प्रेसिडेंट था. आप लोगों ने ही दीदी (ममता बनर्जी) को 1997 में कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर किया था.”
प्रियंका गांधी ने इसके जवाब में कहा, “राजीव गांधी जी दीदी का बहुत सम्मान करते थे.” इस पर कल्याण बनर्जी ने सहमति जताते हुए कहा कि ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होने के बाद कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सीपीआई (एम) के साथ हाथ मिला लिया, जबकि टीएमसी की लड़ाई हमेशा वामपंथियों के खिलाफ रही.
VIDEO | Parliament Monsoon Session: TMC MP Kalyan Banerjee was seen interacting with Congress MP Priyanka Gandhi Vadra inside Parliament premises.
“… even I was with the Congress once. I was the vice-president of the Youth Congress. You people forced Didi (Mamata Banerjee) to… pic.twitter.com/6jzYDy4uXd
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
इसी दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी बातचीत में शामिल हुए और उन्होंने कल्याण बनर्जी से पूछा, “क्या इस संकट के समय कांग्रेस टीएमसी के साथ खड़ी है?” इस पर कल्याण बनर्जी ने सहमति जताते हुए सकारात्मक जवाब दिया.
टीएमसी इन दिनों अपने 20 बागी सांसदों के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है. हाल ही में पूर्व मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी राय, दीपक अधिकारी और सायोनी घोष समेत 20 सांसद टीएमसी छोड़कर बागी हो गए थे. इसके बाद टीएमसी ने दल-बदल कानून के तहत इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है.
टीएमसी संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चि्ट्ठी लिखकर इन 20 सांसदों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि याचिका दाखिल हुए पांच सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो नोटिस जारी हुआ है और न ही सुनवाई की तारीख तय की गई है. टीएमसी का कहना है कि दल-बदल कानून के तहत इन सांसदों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
