स्पेन में कट्टरपंथियों का कब्जा…भीड़ में मची भगदड़ से 18 की मौत, मोरक्को के हजारों लोगों को सेना ने खदेड़ा
दुनिया में एक और जंग दस्तक दे सकती हैं, क्योंकि 2 देशों के बीच जंग छिड़ने से हालात बन गए हैं. विवाद स्यूटा और मेलिला शहर को लेकर है, जिन्हें स्पेन अपना शहर बताता है, जबकि मोरक्को उन पर अपना कब्जा जताता है. बीते दिन विवाद इसलिए गहरा गया, क्योंकि मेलिला और स्यूटा में समुद्र के रास्ते अचानक हजारों लोग घुस गए. हजारों मुस्लिम शरणार्थी सीमा पार करके बाड़ फांदकर आ गए. बॉर्डर पर अराजकता के हालात देखकर स्पेन सरकार को पुलिस और सेना तैनात करनी पड़ी.
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने पिछले दिनों कुछ लोगों को स्यूटा में शरण दी थी, जिसके बाद मोरक्को से स्पेन में प्रवासियों के अवैध तरीके से घुसने का सिलसिला शुरू हो गया. सेना-पुलिस ने उन्हें स्पेन में घुसने से रोका और बल प्रयोग किया तो अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की मौत होने की खबर है. पिछले सप्ताह 1500 प्रवासियों ने समुद्र को तैरकर पार करके मोरक्को से स्पेन में एंट्री की. रिसेप्शन सेंटर ओवरलोड हैं, हजारों लोग आ रहे हैं और हर रोज औसतन 300 नए प्रवासी स्पेन में एंट्री कर रहे हैं.
🇪🇸 Insane footage from the Moroccan border with Spain: thousands of migrants are gathering at the border
This is exactly what Spanish Prime Minister Sanchez was aiming for. pic.twitter.com/Fb1pEKU0jj
— Visegrád 24 (@visegrad24) July 30, 2026
मीडिया के अनुसार, स्यूटा में हालात चिंताजनक हैं. बॉर्डर सिक्योरिटी पूरी तरह टूट चुकी है. हजारों लोग अवैध तरीके से स्पेन में घुस रहे हैं. सड़कों पर हजारों बदहवास लोगों की भीड़ है और समुद्र में लोगों की लाशें तैर रही हैं. यूरोप के 2 देशों के बीच ऐसे अराजक हालातों ने पूरे यूरोप को चिंता में डाल दिया है. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने खुद गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे मार्लास्का के साथ स्यूटा आकर हालातों का जायजा लिया. स्यूटा सीमा पर तैनात सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद स्बीही का सख्त निर्देश दिए.
मोरक्को के मानवाधिकार संगठन के सदस्य अशरफ मैमूनी ने बताया कि तराजाल सीमा को खुद खोलकर हजारों लोग स्पेन के अंदर घुस गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मोरक्को के नागरिक तराजाल समुद्र तट के रास्ते सड़कों पर पहुंचते नजर आए. इन लोगों में ज्यादातर नौजवान थे. महिलाएं और छोटे बच्चे भी थे, जो वीवा एस्पान्या यानी ‘स्पेन जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे. हालांकि अभी तक क्लीयर नहीं हुआ है कि वे लोग इस तरह अचानक मोरक्को से स्पेन क्यों आए हैं, लेकिन कुछ लड़कों का कहना है कि वे अब यहीं रहेंगे.
