CG : 5000 शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी, इन अभ्यर्थियों को D.Ed. और TET में मिलेगी छूट
छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। विभाग के अवर सचिव ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को पत्र भेजकर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक भर्ती में D.Ed. और TET की अनिवार्यता से छूट देने की सहमति प्रदान कर दी है। इस आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी पत्र में डीपीआई को निर्देश दिया गया है कि 31 जुलाई 2026 के प्रस्ताव पर शासन ने अपनी सहमति दे दी है। पत्र के अनुसार PVTG वर्ग के अभ्यर्थियों को विभाग के 10 जनवरी 2013 के राजपत्र के प्रावधानों के तहत D.Ed. और TET में छूट देते हुए CGSSB के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। यह आदेश प्रदेश में प्रस्तावित 5000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभागीय आदेश के अनुसार यह छूट केवल PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Groups) यानी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के उन अभ्यर्थियों को मिलेगी, जो सहायक शिक्षक पद के लिए आवेदन करेंगे। इन अभ्यर्थियों को विभाग के 10 जनवरी 2013 के राजपत्र के अनुरूप D.Ed. और TET की अनिवार्यता से राहत प्रदान की जाएगी, ताकि वे भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

अवर सचिव आर.पी. वर्मा ने डीपीआई को भेजे पत्र में कहा है कि विभाग के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव का परीक्षण किया गया है। प्रस्ताव में PVTG वर्ग के सहायक शिक्षक पद के अभ्यर्थियों को D.Ed. एवं TET में छूट प्रदान करते हुए CGSSB पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। शासन ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।
शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद अब 5000 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। लंबे समय से रिक्त पड़े शिक्षकीय पदों को भरने की मांग की जा रही थी। भर्ती शुरू होने से जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का अवसर भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि PVTG वर्ग को दी गई यह छूट आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे इन क्षेत्रों में स्थानीय भाषा और सामाजिक परिस्थितियों से परिचित शिक्षकों की नियुक्ति आसान होगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
