फिलीपींस में छात्र ने स्कूल में बॉडी कैमरा पहन LIVE बरसाईं गोलियां, साथी को मारा, खुद भी मरा
दक्षिणी फिलीपींस में एक छात्र ने स्कूल में अपने साथ पढ़ने वाले दूसरे छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली. घटना के बाद सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार जाम्बोआंगा शहर के मेयर खाइमर अदान ओलासो ने बताया कि हमलावर के पास दो बंदूकें थीं और उसने शायद हमले की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए बॉडी कैमरा पहना था. यह घटना एटेनिओ डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी कैंपस के हाई स्कूल में हुई. हमले में दो अन्य लोग भी घायल हुए.
मेयर ओलासो ने DZBB रेडियो नेटवर्क को बताया कि हमलावर ने पहले एक टीचर पर गोली चलाई. लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि टीचर को गोली लगी या नहीं. इसके बाद उसने अपने एक साथी छात्र को गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई, और फिर उसने खुद को गोली मार ली. हाई स्कूल की बिल्डिंग में गोली चलने की आवाज के बाद सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. यह हाई स्कूल एक सुरक्षित कैंपस में स्थित है, जो कैथोलिक यूनिवर्सिटी के बड़े कैंपस से अलग है. उस बड़े कैंपस में यूनिवर्सिटी के कॉलेज और प्रोफेशनल स्कूल हैं और वह जाम्बोआंगा बंदरगाह शहर में स्थित है.
रिपोर्ट के अनुसार गोलीबारी के कुछ घंटों बाद, पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने छात्रों के माता-पिता और गार्डियन से शांत रहने और अपने बच्चों को ले जाने के लिए हाई स्कूल की सलाह और व्यवस्थाओं का पालन करने को कहा.
यह गोलीबारी तब हुई जब पुलिस ने भरोसा दिलाया था कि देश भर के स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी. यह भरोसा जून में मध्य टैकलोबन शहर में हुई एक गोलीबारी के बाद दिया गया था, जिसमें तीन हाई स्कूल छात्र मारे गए थे और कम से कम 20 अन्य घायल हुए थे. पुलिस ने उस गोलीबारी को अंजाम देने के आरोप में 14 और 15 साल के दो छात्रों को गिरफ्तार किया था.
फिलीपींस में बंदूक के इस्तेमाल से जुड़े अपराध आम हैं, जिसका एक कारण बिना लाइसेंस वाली बंदूकों का बड़ी संख्या में होना है, लेकिन स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं. फिलीपींस में यह गोलीबारी थाईलैंड में स्कूल में हुई भयानक गोलीबारी के दो सप्ताह से भी कम समय बाद हुई. बैंकॉक के बाहर नोंथाबुरी प्रांत में 14 साल के एक लड़के ने अपने दादा-दादी, स्कूल के पांच कर्मचारियों और 12 साल की एक लड़की की हत्या कर दी थी. एशिया में बंदूक रखने के मामले में थाईलैंड पाकिस्तान के बाद दूसरे स्थान पर है और अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसियों से कहीं आगे है.
