‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् के दो टुकड़े किए, राहुल के नेतृत्व में तुष्टीकरण की राजनीति’, अमित शाह का वार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के वंदे मातरम् के दो छंद गाने पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही विभाजन की नींव डाली. कांग्रेस ने दो छंद गाने का फैसला लेकर देश विरोधी फैसला लिया है.

अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने का फैसला किया है. मैं इस अवसर पर पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटकर देश के विभाजन की नींव रखी थी. वहीं से द्विराष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और अंततः देश का विभाजन हुआ तथा पाकिस्तान का जन्म हुआ.

उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर नरेंद्र मोदी सरकार ने उस ऐतिहासिक गलती को सुधारने का प्रयास किया है. सरकार ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना को पूर्ण रूप से गाने और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसका संपूर्ण गायन करने का फैसला लिया है. इस निर्णय को कानूनी स्वरूप भी दिया गया है. कांग्रेस ने इसकी अवहेलना करके गलत फैसला किया है.

दरअसल, कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को कहा था कि पार्टी के सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाए जाएंगे। इसमें कुल 6 पैरा हैं।

शाह से पहले BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस के फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय गीत का अपमान किया है। कांग्रेस अब नई मुस्लिम लीग बन गई है।

नबीन ने कहा कि यह फैसला उन शहीदों का अपमान है, जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत को अपने मन में रखकर देश के लिए बलिदान दिया। उन्होंने 15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया।

वंदे मातरम को लेकर पूरा विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह बाद शुरू हुआ। भाजपा ने सोनिया गांधी पर कांग्रेस मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गीत रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान पूरा वंदे मातरम गाया जा रहा था। कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही सोनिया इसे लेकर असहज होने लगीं। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। राहुल भी पूरे गायन के दौरान परेशान दिखे।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूरे मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा- वंदे मातरम रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी कह रही थीं कि उनके लिए कुर्सी लाकर वहां रख दीजिए।

जयराम रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोनिया के इशारे को वंदे मातरम रोकने की कोशिश बताना गलत है।