भारतीय महिला टीम हॉकी वर्ल्डकप के टॉप-8 में पहुंची, इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ खेला
भारतीय महिला हॉकी टीम ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप के टॉप-8 यानी दूसरे राउंड में जगह बना ली है। एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-D के आखिरी मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोक दिया। भारत को अगले राउंड में पहुंचने के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। वहीं इंग्लैंड के लिए जीत जरूरी थी। मैच के आखिरी क्षणों में इंग्लैंड ने अपनी गोलकीपर मिरियम प्रिचर्ड को बाहर बुलाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतार दिया।
इसके बाद इंग्लैंड ने 11 आउटफील्ड खिलाड़ियों के साथ भारतीय सर्कल पर लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस नहीं टूटा।
भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। पहले क्वार्टर में टीम को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। चौथे मिनट में नवनीत कौर के शॉट से गेंद गोल में पहुंची, लेकिन रास्ते में इशिका के शरीर से टकराने के कारण गोल को मान्यता नहीं मिली।
भारत को पहले क्वार्टर में तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम एक को भी गोल में नहीं बदल सकी। इशिका के पास फील्ड गोल का मौका भी आया, लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर प्रिचर्ड ने शानदार बचाव किया।
दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने हमले जारी रखे। 26वें मिनट में दीपिका के ड्रैगफ्लिक को इंग्लैंड की गोलकीपर ने पैर से रोक दिया। इसके बाद रिबाउंड पर सलिमा ने मौका बनाया और भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला।
दूसरे क्वार्टर से इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाना शुरू किया। टीम को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया और डिफेंस ने हर बार खतरा टाल दिया।
38वें मिनट में सविता ने बिंघम के रिवर्स हिट को शानदार तरीके से बचाया। 43वें मिनट में साक्षी ने गोललाइन पर शानदार बचाव कर भारत को गोल खाने से बचाया।
हाफ टाइम तक इंग्लैंड को 9 पेनल्टी कॉर्नर मिल चुके थे, लेकिन वह एक को भी गोल में नहीं बदल सका।
तीसरे क्वार्टर के बाद मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में जाता दिखा। इंग्लैंड लगातार भारतीय सर्कल में पहुंच रहा था और पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर रहा था।
आखिरी क्वार्टर में इंग्लैंड को हर हाल में गोल चाहिए था, क्योंकि ड्रॉ का मतलब था भारत का अगले राउंड में पहुंचना और इंग्लैंड का बाहर होना।
56वें मिनट में इंग्लैंड ने बड़ा फैसला लिया। उसने गोलकीपर को बाहर बुलाकर 11 आउटफील्ड खिलाड़ियों के साथ खेलना शुरू किया। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने दबाव झेला और गोल नहीं होने दिया।
आखिरी मिनटों में भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खरिबाम ने भी महत्वपूर्ण बचाव किए और टीम को गोलरहित ड्रॉ के साथ अगले राउंड में पहुंचा दिया।
भारत ने पूल-D में अपने अभियान की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ के साथ भारत के खाते में 5 अंक हो गए और टीम ने दूसरे राउंड में जगह बना ली।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत के छह अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए थे। सुनेलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुषिला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल दागे थे। इससे टीम की अटैकिंग डेप्थ का पता चलता है।
इस हॉकी वर्ल्ड कप से क्वार्टर फाइनल को हटा दिया गया है। एक नया फॉर्मेट लागू किया गया है।
इसके अनुसार क्रॉसओवर पूल में पहुंचने वाली टीमें आपस में मैच खेलेंगी।
भारत का मैच नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा। इस राउंड में ग्रुप स्टेज के पॉइंट्स भी जुड़ेंगे।
क्रॉसओवर पूल की टॉप-2 टीमें सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। सेमीफाइनल के विजेता फाइनल खेलेंगे और हारने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेंगी।
