धर्मेंद्र की पहली पत्नी संग कैसा है हेमा मालिनी का रिश्ता? हुईं भावुक

हेमा मालिनी और दिग्गज दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र ने साल 1980 में शादी रचाई थी. हेमा संग धर्मेंद की ये दूसरी शादी थी. एक्टर की पहली शादी 1954 में प्रकाश कौर से हुई थी. तभी से हेमा मालिनी के धर्मेंद्र के पहले परिवार संग अनबन को लेकर खबरें बनी रहती हैं.

अक्सर ऐसी रिपोर्ट्स सामने आती हैं कि हेमा मालिनी का धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर और उनके दोनों बेटों सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते ठीक नहीं हैं. धर्मेंद्र के निधन के वक्त भी दोनों परिवारों के बीच मतभेद को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं. अब हाल ही में हेमा मालिनी ने इन खबरों पर चुप्पी तोड़ी है और दोनों परिवारों के रिश्ते का सच बताया है.

हेमा मालिनी ने कहा कि AI के जरिए फैलाई गई हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. TOI संग बातचीत में हेमा बोलीं- हमारा परिवार पूरी तरह से एकजुट है. मैं इससे ज्यादा और कुछ नहीं कह सकती. हम सब एक-दूसरे के साथ बेहद खुश हैं. प्लीज, AI द्वारा गढ़ी गई हर खबर पर आंख बंद करके भरोसा न करें.

एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने और धर्मेंद्र ने कभी इस बात की फिक्र नहीं की कि लोग उनके बारे में क्या बातें बोल रहे हैं. हेमा मालिनी ने कहा- हमने कभी इन चीजों पर ध्यान ही नहीं दिया. हमने अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जी है. हमनें उन लोगों पर कभी ध्यान नहीं दिया, जो उंगलियां उठाने या जज करने में लगे थे. हमारा रिश्ता सच्चे प्यार पर टिका था. शुरू से ही हमें पता था कि हम एक-दूसरे के लिए ही बने हैं और इस सच को कोई बदल नहीं सकता था.

धर्मेंद्र को अपना ‘सोलमेट’ बताते हुए हेमा मालिनी काफी भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि किस्मत ने ही उन्हें एक-दूसरे के लिए चुना था. धर्मेंद्र को याद करते हुए हेमा मालिनी ने कहा- मुझे जीवनसाथी के रूप में इतना शानदार इंसान मिला. मेरे पास उनकी ऐसी यादें हैं, जिन्हें मैं पूरी जिंदगी संजोकर रखूंगी. मैं जो भी करती थी, उसमें वो हमेशा मेरे साथ खड़े रहते थे. वो मुझसे कहते थे-आगे बढ़ो, रुको मत. अपना डांस जारी रखो.

हेमा ने आगे कहा- उनका मानना था कि डांस में एक रूहानी सुकून है, जिससे मुझे खुशी मिलती थी और मैं हेल्दी भी रहती थी. आज मैं जो भी कर पा रही हूं, वो सिर्फ उनके साथ और हौसले की बदौलत है. अब मुझे उनकी काफी कमी खलती है. वो अब नहीं हैं और यह खालीपन कभी नहीं भर सकता. मैं हर पल उनके बारे में सोचती हूं. लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं इस दुख से बाहर आ पाई हूं, लेकिन मुझे लगता है कि यह दर्द कभी खत्म नहीं होता. मुझे उनकी बहुत याद आती है.