भोपाल में बुर्कानशीं युवतियों ने दिखाए तलवारबाजी के करतब
भोपाल। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की यौमे पैदाइश के मौके पर शहर के अशोका गार्डन क्षेत्र से दो जुलूस और मंगलवारा से आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी का मुख्य जुलूस निकाला गया। सांस्कृतिक महत्व के परंपरागत मुख्य जुलूस को क्षेत्रीय विधायक आरिफ मसूद ने मंगलवारा चौराहे से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस वर्ष जुलूस का मुख्य आकर्षण बुर्का पहने युवतियों का अखाड़ा रहा। जिसमें बुर्का पहनी महिलाओं ने उस्ताद फीरोज खान से आत्मरक्षा के लिए सीखी तलवारबाजी के करतब दिखाए। इन्हें देखने बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। मुस्लिम युवतियों को यूं तलवारबाजी करते देख लोग दंग रह गए।
विधायक आरिफ मसूद ने जुलूस को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्षों से चली आ रही रवायत को आगे बढ़ाने के लिए मैं त्यौहार कमेटी को बधाई देता हूं। इस्लाम अमन का मज़हब है। उन्होने बुर्के में तलवारबाजी करती युवतियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारा इतिहास गवाह है कि मुस्लिम महिलाओं ने परदे का अहतमाम करते हुए कई जंगी हुनर में महारत हासिल की है। इस त्योहार को मनाकर अमन-एकता-भाईचारे का पैगाम दें।
जुलूस में ऊंट, घोड़े, बैंड, ढोल-ताशे और नगाड़ों के साथ विभिन्न अखाड़ों के सैकड़ों कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कमेटी अध्यक्ष हाफिज अहमद शाहमीरी खुर्रम ने कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम ने दुनिया को अमन का संदेश दिया, जिसे जन-जन तक पहुंचाना जुलूस का उद्देश्य है।
जुलूस मंगलवारा से छावनी, सेंट्रल लाइब्रेरी, इतवारा, इस्लामपुरा, बुधवारा, इब्राहिमपुरा, मोती मस्जिद और पीरगेट होते हुए इमामी गेट चौराहे पहुंचा। यहां दुनिया में अमन, खुशहाली और भाईचारे की सामूहिक दुआ के साथ जुलूस का समापन हुआ।
अशोका गार्डन स्थित सुन्नी सकलैनी जामा मस्जिद से ईद मिलादुन्नबी के मौके पर परंपरागत मरकजी जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस सकलैनी चौराहा, संगम चौराहा, पुष्पा नगर, कम्मू का बाग, थाना अशोका गार्डन, नेहरू चौराहा, सब्जी मंडी और प्रभात चौराहा होते हुए खानकाह शरीफ शराफतिया सकलैनिया पहुंचा। यहां इस्लामी परचम पेश कर सलातो-सलाम पढ़ा गया। रास्ते में जगह-जगह विभिन्न धर्मों के लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया।
