हरिराम को भिवाड़ी से दिल्ली ला रही पुलिस, हादसे वाली इमारत का मालिक है, अब तक 7 मौतें
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने पूरी राजधानी को दहला कर रख दिया है. पेइंग गेस्ट (PG) के तौर पर इस्तेमाल हो रही ये बहुमंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई. इस भयानक हादसे का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि इमारत के ठीक नीचे एक बुजुर्ग अपनी छोटा-सा स्टॉल लगाकर आराम से बैठे हुए थे. तभी अचानक ऊपर से मलबा और धूल गिरने लगती है. खतरा भांपते ही बुजुर्ग शख्स अपनी जान बचाने के लिए तेजी से दूर भागते हैं.
इसके महज कुछ ही सेकेंड बाद पूरी की पूरी बिल्डिंग भरभराकर जमींदोज हो जाती है और चारों तरफ धूल का गुबार फैल जाता है. पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था. आरोप है कि बिना सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ की जा रही थी, जिससे पूरी इमारत का ढांचा बेहद कमजोर हो गया और वो अचानक ढह गई.
इस मामले में दिल्ली पुलिस के साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता और दूसरे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. आरोपी हरिराम को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है. वो पिछले दो दिनों से फरार चल रहा था. पुलिस हिरासत से उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है.
आरोपियों के खिलाफ धारा 105 BNS (गैर-इरादतन हत्या), धारा 290 BNS (इमारतों के निर्माण, मरम्मत या रख-रखाव में लापरवाही बरतना) और धारा 125(a) BNS: (उतावलेपन या लापरवाही से किसी की जान और सुरक्षा को खतरे में डालना और चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
मोती बाग स्थित सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. जबकि मलबे में अब भी कई लोग को फंसे हुए हैं, जिनमें कई छात्र शामिल हैं. मौके पर NDRF, CATS एम्बुलेंस और कई प्रशासनिक टीमें मौजूद हैं और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
इस हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा एक्शन लिया है. सीएम ने 5 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. इनमें MCD में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के SE रणवीर सिंह, साउथ जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार, साउथ जोन के अस्सिटेंट इंजीनियर (बिल्डिंग), सुनील चौहान साउथ जोन के जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) और आशीष कुमार शामिल हैं.
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने इस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘बदकिस्मती से, हमने सात जानें गंवा दी हैं. हमें लगता है कि गिरी हुई बिल्डिंग के बगल वाली बिल्डिंग कमजोर हो गई है और रात भर में वो मजबूत हो गई. हम अगले 1-2 दिनों में इसे सोच-समझकर गिराने का काम करेंगे.’
एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि उन्हें 6 सितंबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे PCR कॉल मिली थी जिसमें उन्हें बिल्डिंग गिरने की जानकारी दी गई थी. उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ छात्रों को बाहर निकाला और पास के अस्पताल भिजवाया. हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पता चला कि मलबे के नीचे और भी छात्र दबे हुए हैं.
