‘जेल में रहा तब भी नहीं…’, मराठी बोलने पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री को संजय दत्त ने मुंह पर किया मना
मुंबई में रविवार को एक इवेंट के दौरान बॉलीवुड के ‘संजू बाबा’ यानी संजय दत्त का एक मजेदार अंदाज देखने को मिला. मंच पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ मौजूद संजय दत्त से जब मराठी में बोलने की उम्मीद की गई, तो एक्टर ने ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े. दरअसल, कार्यक्रम में प्रताप सरनाईक ने मराठी भाषा को लेकर बात करते हुए कहा कि इन दिनों वह सभी को मराठी सिखा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में संजय दत्त को भी मराठी बोलने के लिए कह दिया.
मंत्री ने कहा कि वह सोच रहे थे कि संजय दत्त के आने के बाद उनसे मराठी में बात करवाई जाए. उन्होंने कहा कि संजय हिंदी में बोलते हैं, लेकिन यहां मौजूद सभी लोग मराठी समझते हैं. अब बारी थी संजय दत्त की. माइक हाथ में आते ही संजय ने मराठी बोलने की बजाय ऐसा मजेदार जवाब दिया कि पूरा माहौल हल्का-फुल्का हो गया.
संजय दत्त ने प्रताप सरनाईक को संबोधित करते हुए कहा- प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, यरवदा में. तब भी मराठी नहीं सीख पाया. मैं थोड़ा सीखा था. संजय का ये जवाब सुनकर वहां मौजूद लोगों को गुस्सा नहीं आया बल्कि चेहरे पर हंसी आ गई. एक्टर ने इसी अंदाज में मराठी बोलने की रिक्वेस्ट को टाल दिया और फिर प्रताप सरनाईक के साथ अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया.
Sanjay Dutt has been living in Mumbai for more than 50 years, and he himself says that even after spending 6 years in Yerwada Jail, he still couldn’t learn Marathi.
And he openly admitted this in front of everyone, without any shame. So now, will MNS and Uddhav Thackeray’s party… pic.twitter.com/kLQ7AxZfBa
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) September 6, 2026
संजय ने कहा कि वह प्रताप भाई के आभारी हैं कि उन्होंने उन्हें यहां बुलाया. साथ ही उन्होंने बताया कि दोनों का रिश्ता काफी पुराना है और करीब 25 साल से एक-दूसरे को जानते हैं.
दरअसल, महाराष्ट्र में इन दिनों मराठी भाषा को लेकर बहस तेज है. परिवहन विभाग की ओर से मुंबई में ऑटो चलाने वाले ड्राइवरों के लिए कामकाज जारी रखने के लिए मराठी के कुछ जरूरी वाक्यों की समझ रखने से जुड़ा फैसला सामने आया है. इस फैसले को लेकर शहर में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
इसी मुद्दे के बीच प्रताप सरनाईक का संजय दत्त से मराठी बोलने का कहना भी चर्चा में आ गया. कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं और लिख रहे हैं कि- संजय दत्त 50 साल से ज्यादा समय से मुंबई में रह रहे हैं. खुद उन्होंने कहा है कि यरवदा जेल में 6 साल बिताने के बाद भी वह मराठी नहीं सीख पाए. उन्होंने यह बात सबके सामने बिना किसी झिझक के स्वीकार की. तो अब सवाल है कि क्या MNS और उद्धव ठाकरे की पार्टी भी संजय दत्त के साथ वैसा ही व्यवहार करेगी, जैसा वे टैक्सी ड्राइवरों, ऑटो ड्राइवरों और सड़क किनारे सामान बेचने वाले लोगों के साथ करते हैं?
